अब अपनी पहचान छुपाकर नही करा सकेंगे अल्ट्रासाउंड,होगी कड़ी कार्यवाही

गोरखपुर। गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड बिना पहचान पत्र के नहीं हो सकेगा स्वास्थ्य महकमे ने इसका सख्ती से अनुपालन कराने का आदेश सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को दिया है, जिले में 222 अल्ट्रासाउंड सेंटर हैं महिला अस्पताल में भी गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाता है जिला अस्पताल में रोजाना  करीब 6000 अल्ट्रासाउंड जांच होती है पीएनडीटी एक्ट के तहत परीक्षण कराने के लिए गर्भवतीयों को आधार कार्ड या कोई अन्य पहचान पत्र देना होगा।

अल्ट्रासाउंड कराने की जानकारी उनके पहचान पत्र के साथ सेंटरों को स्वास्थ्य महकमे से साझा करनी होगी, एसीएमओ एन के पांडे ने बताया कि नई व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने को लेकर आदेश जारी किया गया है।
जांच में जो सेंटर उसका पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नहीं हो सकेगी चोरी-छिपे जांच

एसीएमओ एन के पांडे ने बताया कि अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जिस तरह से बोर्ड लगा होता है कि यहां लिंग की जांच नहीं होती है उसी तरह से अपना पहचान पत्र की जांच करने का बोर्ड भी लगाने को कहा गया है।
अल्ट्रासाउंड सेंटरों की लगातार निगरानी की जा रही है जांच ना हो सके इसके लिए विशेष दल बनाकर छापेमारी भी जारी है।

आसानी से हो सकेगी मानिटरिंग

नई व्यवस्था से स्वास्थ्य विभाग जिले में गर्भवती महिलाओं का आसानी से मॉनिटरिंग कर सकेगा साथ ही उनकी सेहत की जानकारी के साथ सही नाम और पता भी आसानी से विभाग के पास होगा।