सरकार से लेखपालो की आर पार की लड़ाई का 14 वा दिन 

गोरखपुर में पिछले 14 दिनों से चल रहे लेखपालो के धरना प्रदर्शन में अब तक तकरीबन ढाई सौ से ऊपर लेखपालो के ऊपर कार्यवाही हो चुकी है

गोरखपुर । सरकारों से लेखपाल की आरपार की लड़ाई, धरने का 14 वा दिन, ढाई सौ से ज्यादा लेखपालो पर हुई कार्यवाही, जी हां गोरखपुर में पिछले 14 दिनों से चल रहे लेखपालो के धरना प्रदर्शन में अब तक तकरीबन ढाई सौ से ऊपर लेखपालो के ऊपर कार्यवाही हो चुकी है, बावजूस इसके लेखपालो के हौसले टूटने के बजाय बुलंद ही हुए है ।

एक ओर जहां लेखपाल अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर अड़े हैं, वहीं एस्मा लगने के बाद जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है, जिले के सभी पदाधिकारियों समेत 217 लेखपालों को सर्विस ब्रेक का नोटिस जारी कर दिया गया है, इसमें नो-वर्क नो-पे का फार्मूला अपनाया गया है, जितने दिन लेखपाल हड़ताल पर रहेंगे, उतने का वेतन भी कटेगा और उतने दिन उनकी सेवा भी बाधित मानी जाएगी।

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है, कि शासनने लेखपालों पर एस्मा लगा दिया है, काम पर न लौटने वालों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी, अपनी मांगों को लेकर नगर निगम पार्क में धरना देते लेखपालो के धरने के आज 14 वा दिन है, वही सूत्रों की माने तो डीएम के. विजयेन्द्र पाण्डियन ने कहा कार्रवाई की जा रही है, लेखपालो के संघ ने बताया, कि हम लेखपाल काम पर लौटने वाले नहीं है।

जहा लेखपाल आर पार के मूड में है, वही दूसरी तरफ सरकार भी कार्यवाही को लेकर एक्शन में आ गई है 

जिसे जो कार्यवाही करना है, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे, लेखपाल संघ कार्य बहिष्कार पर अड़ा हुआ है, लेखपालों के बेमियादी कार्य बहिष्कार अभी भी जारी है, रानी लक्ष्मीबाई पार्क में तकरीबन चार से पांच सौ के तादात में आये लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया।

हर रोज सुबह 10 से शाम 4 बजे तक इनका प्रदर्शन इसी तरह चल रहा है, और ये इसी तरह सरकार विरोधी नारे बाजी करते नजर आ रहे है, लेखपाल संघ के जिला महामंत्री ने बताया, कि हड़ताल की वजह से 7000 आवेदन आय प्रमाणपत्र के ही लम्बित हैं, अब तक खरबो का नुकसान हो चुका है, लेकिन सरकार और प्रशासन हमारी मांगें मानने की बजाय दमनात्मक कार्यवाही कर रहा है ।

217 लेखपालों को जिला प्रशासन की ओर से सर्विस ब्रेक का नोटिस जारी किया गया है, जितने दिन लेखपालों ने कार्य बहिष्कार किया है, उतने का दिन का वेतन उतने दिन का सर्विस भी ब्रेक माना जाएगा, जहा लेखपाल आर पार के मूड में है, वही दूसरी तरफ सरकार भी कार्यवाही को लेकर एक्शन में आ गई है ।