बहुचर्चित पासपोर्ट अधीक्षक विकास मिश्रा ने गोरखपुर में कार्यभार संभाला

तन्वी व अनस ने विकास पर धार्मिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था

गोरखपुर। तन्वी सेठ पासपोर्ट विवाद मामले में ईमानदारी से ड्यूटी करने वाले वरिष्ठ पासपोर्ट अधीक्षक विकास मिश्रा को खामियाजा भुगतना पड़ा। मंत्रालय के आदेशानुसार विकास मिश्रा को आखिरकार  गोरखपुर पासपोर्ट कार्यालय में कार्यभार संभालना पड़ा। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) ने तबादले की कार्रवाई बगैर किसी जांच के केवल तन्वी सेठ व उनके पति अनस के आरोपों पर की थी।
20 जून को तन्वी सेठ के दस्तावेजों पर दो नाम होने पर विकास मिश्रा ने सवाल खड़े किए थे। उन्होंने पासपोर्ट की प्रक्रिया रोक कर अधिकारी को फाइल भेज दी थी। तभी तन्वी व अनस ने विकास पर धार्मिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था।

एकतरफा की गई थी कार्रवाई

मामले में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा ने आनन-फानन में केवल आरोपों के आधार पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए विकास मिश्रा का तबादला गोरखपुर कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक मामले में विदेश मंत्रालय के निर्देश पर यह निर्णय आरपीओ ने लिया था। तबादले का आदेश जारी होने के दूसरे दिन विकास मिश्रा ने लखनऊ पासपोर्ट सेवा केंद्र में काम भी किया था, बाद में छुट्टी के लिए आवेदन किया था। हालांकि उनकी छुट्टी मंजूर नहीं की गई। जिसके बाद उन्हें गोरखपुर में ज्वॉइन करना पड़ा।