नकल की पुष्टि के बाद विवि प्रशासन सख्त, 20 कॉलेजों के सभी परीक्षार्थियों के कटेंगे 30 फीसदी अंक

पर्चा लीक मामले में एसटीएफ की रिपोर्ट आने के बाद भी कुछ कॉलेजों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है

गोरखपुर। डीडीयू से संबद्ध 20 कॉलेजों में नकल के आरोपों की पुष्टि हो गई है। परीक्षा समिति ने निर्णय लिया है कि इन कॉलेजों के सभी विद्यार्थियों के समान रूप से 30 फीसदी अंक काट कर परीक्षाफल घोषित कर दिया जाएगा। अगले साल इन्हें परीक्षा नहीं बनाया जाएगा तथा जिन 15 कॉलेजों में इनकी परीक्षा हुई थी, वहां के केन्द्राध्यक्षों को भी अगली बार केन्द्राध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा।

डीडीयू के पीआरओ प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि बीते सत्र की परीक्षा में कुल 54 महाविद्यालयों में नकल के आरोप लगे थे। इनकी परीक्षा कुल 41 परीक्षाकेन्द्रों पर हुई थी। यह सभी केन्द्र जांच के दायरे में लिए गए थे। आरोपित केन्द्रों पर कुल 156 प्रश्न पत्रों में नकल के आरोप लगे थे। परीक्षा समिति ने आरोपों की जांच के बाद केवल बीस कॉलेजों को नकल का दोषी पाया। इनकी परीक्षा कुल 15 केन्द्रों पर हुई थी। यहां 23 विषयों में नकल के आरोप सिद्ध हुए। इस आधार पर परीक्षा समिति ने निर्णय लिया है कि 23 प्रश्न पत्रों में सभी परीक्षार्थियों के तीस फीसदी अंक काट लिए जाएंगे। इसके बाद उनका परीक्षाफल घोषित किया जाएगा।

परीक्षा समिति ने विवि के नियमानुसार नकल के आरोप सिद्ध होने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई की है। इनमें देवरिया के भटनी क्षेत्र में एसटीएफ द्वारा सामूहिक नकल पकड़े वाले दो कॉलेज भी शामिल हैं। इन पर एफआईआर पहले ही कराई जा चुकी है। पुलिस की चार्जशीट आने पर विवि अलग से इन पर कार्रवाई पर विचार करेगा। पर्चा लीक मामले में एसटीएफ की रिपोर्ट आने के बाद भी कुछ कॉलेजों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।