कमलेश तिवारी हत्याकांड (Kamlesh Tiwari Murder Case) में हुआ बड़ा खुलासा

Kamlesh Tiwari Murder Case

कमलेश तिवारी हत्याकांड (Kamlesh Tiwari Murder Case) हत्यारों ने कमलेश तिवारी को सूरत में ही मारने का बनाया था प्लान

Kamlesh Tiwari Murder Case कमलेश की हत्या की साजिश रचने के आरोप में पकड़े गए तीनों साजिशकर्ताओं मौलाना मोहसिन शेख, राशिद पठान उर्फ रशीद और फैजान को विशेष रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने वाली है। तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर सूरत से लाया गया है। इन लोगों से सोमवार सुबह 11 बजे से ही पूछताछ शुरू कर दी गई थी।

खुफिया एजेन्सियों को इस बात के भी पुख्ता सुबूत मिले हैं कि हत्यारों ने पहले (Kamlesh Tiwari Murder Case) कमलेश तिवारी को सूरत में ही मारने का प्लान बनाया था। 18 अक्तूबर को हत्या से करीब 15 दिन पहले सूरत में साजिशकर्ताओं ने अंतिम बैठक की थी जिसमें कमलेश तिवारी को किसी बहाने से सूरत बुलाने को कहा गया था। फिर सूरत में ही उनकी हत्या करने की साजिश थी लेकिन बाद में प्लान बदल दिया गया।

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एसआईटी ने सबसे ज्यादा सवाल मुख्य साजिशकर्ता रशीद से पूछे। उससे पूछा गया कि कौन सा वीडियो दिखाया था अशफाक को। उसे कैसे तैयार किया इस हत्या के लिये। हालांकि इस पर रशीद गोलमोल जवाब देता रहा। सूत्रों का कहना है कि उसके मोबाइल से कोई ऐसा वीडियो नहीं मिला है। इस पर उसके मोबाइल से डिलीट हुई फोटो और वीडियो को रिकवर करने के लिये विशेषज्ञों से मदद ली जा रही है।

यह भी सवाल किया गया कि सूरत से मिठाई का डिब्बा बिल पर्ची के साथ भेजने के पीछे क्या मकसद था। साथ ही हर जगह मूल आईडी का इस्तेमाल करने के लिये कहा गया था या दोनों ने खुद ही ऐसा किया। फैजान ने तो कुछ नहीं बोला लेकिन रशीद यह कहता रहा कि उसका साजिश से कोई मतलब नहीं।

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पुलिस अधिकारी भले ही कुछ नहीं बोल रहे हैं लेकिन सूत्र कहते हैं कि तीनों ने पहले तो अफसरों को बहुत उलझाया। बाद में सर्विलांस से मिली कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य सुबूतों के सामने उनका झूठ पकड़ में आता गया। इसके बाद कई सवालों के जवाब उन्होंने दिये जिससे पुलिस को इस हत्याकाण्ड से जुड़े कुछ और साक्ष्य भी मिले।

एसआईटी के प्रभारी आईजी एसके भगत ने एसएसपी आवास पर सभी 10 टीमों के प्रभारियों के साथ अब तक की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान अब अन्य जिलों से मिले तथ्यों के बारे में भी चर्चा हुई। साथ ही दो टीमों में कुछ और पुलिसकर्मी तैनात करने की बात कही गई। इस दौरान एसआईटी ने कानपुर, हरदोई, शाहजहांपुर से लाये गए तीन संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की गई। इनमें कानपुर के उस स्टोर के कर्मचारी भी थे जहां से आरोपियों ने सिम कार्ड खरीदा था।

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