कर्ज में डूबे बीएसएनएल को तिनके का सहारा 

बीएसएनएल की स्थिति आज किसी से छुपी नहीं है, बीएसएनएल अब अपने आफिस में ही आधार कार्ड बनवाले का काउंटर खोल दिया है

गोरखपुर । कर्ज में डूबे बीएसएनएल को तिनके का सहारा, सर से लेकर पाँव तक कर्जे में डूबा बीएसएनएल अब अपनी स्थिति सुधारने के लिए पानी में मोती खोजने जैसे कहावत को सच करना चाहता है, जी हां बीएसएनएल की स्थिति आज किसी से छुपी नहीं है, बीएसएनएल अब अपने आफिस में ही आधार कार्ड बनवाले का काउंटर खोल दिया है, और उससे जो इनकम आयेगा उससे अपनी कुछ स्थिति सुधारने की कवायद कर रहा है।

गोरखपुर में बीएसएनएल अब अपनी स्थिति सुधारने के लिए आधार कार्ड का काउंटर खोल दिया है, बीएसएनएल को ये लगता है, कि इससे उसकी कुछ हालात सुधरेगी, बीएसएनएल अब अपने बिलिंग काउंटर के बगल में एक आधार काउन्टर भो खोल दिया, और इससे अब लोग वहा पर अपना आधार भी बनवाने के लिए आ रहे है, कभी बीएसएनएल के बिल के लिए लम्बी लाइन लगी रहती थी, आज यहा पर खिडकिया खाली पड़ी है।

लेकिन खिडकियों के अगल बगल में बने नए आधार कार्ड सेंटर पर कुछ लोग जरुर नजर आ रहा है, क्योकि इन्हें अपना आधार कार्ड बनवाना है, यहा पर बने आधार कार्ड सेंटर पर बीएसएनएल को एक नए आधार बनवाने पर 100 रूपये मिलेगे और पूराने आधार को अपडेट करने पर 50 रूपये मिलेंगे, अब इस तरह से बीएसएनएल अपनी बिगड़ी स्थिति को सुधारने में लगा है।

 

 

बीएसएनएल की बिगड़ी स्थिति को सुधारने के लिए गोरखपुर के जीएम् ने एक नई पहल की शुरुवात की है, और अब आधार कार्ड के मुनाफे से बीएसएनएल कुछ स्थिति सुधारने की कवायद कर रही है।

अपने कर्ज से अपने आप को उबारने के लिए अब ये आधार कार्ड कितना मदद करता है, ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा, लेकिन ये कहावत बीएसएनएल पर बिलकुल फीट बैठता है, कि समुद्र से मोती खोजना।