Cervical Treatment: सर्वाइकल उपचार करने के लिए करे अचूक उपाय

Survical Treatment

Cervical Treatment: सर्वाइकल एक ऐसी समस्या है जो किसी को भी हो सकती है, इसे दूर करने के लिए घर बैठकर कुछ आसन और खाने के माध्यम से आराम मिल सकता है।

Cervical Treatment: ज्यादा समय तक एक जगह बैठकर काम करने से गर्दन में दर्द होने लगता है और धीरे-धीरे यह दर्द बहुत ही असहनीय हो जाता है, जिसे सर्वाइकल के नाम से जाना जाता है। इससे बचने के लिए खाने में भी बदलाव करे। सर्वाइकल दर्द की वजह से गर्दन में दर्द और चक्कर जैसी समस्या होती है। जिसके चलते सर्वाइकल स्पाइन की कमजोरी होती है। लेकिन, सर्वाइकल का दर्द दूर करने के लिए एक्सरसाइज करना बेहद आवश्यक है। कुछ आसन के ज़रिये सर्वाइकल दर्द में राहत मिल सकती है।

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सर्वाइकल इलाज में करे लहसुन और हल्दी का प्रयोग

लहसुन में औषधीय गुण पाया जाता है जो दर्द, सूजन और जलन को कम करता है। सर्वाइकल के लिए इसे सरसों के तेल में पकाएं और पके लहसुन को खाने में प्रयोग करे साथ ही बचे हुए तेल को दर्द के स्थान पर हल्के हाथ से मालिश करें मालिश करते समय ज़्यादा जोर न लगाए। साथ ही साथ हल्दी का प्रयोग करे क्योंकि नेचुलर पेन किलर है। सर्वाइकल के लिए हल्दी को एक ग्लास दूध के साथ उबाले और इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं। अब इसे दिन दो बार पिएं।

सर्वाइकल के लिए करे भुजंगासन (Bhujangasana)

भुजंगासन भी कई समस्याओं के लिए किया जाता है। यह आसन में शरीर सर्प के आकार का हो जाता है। इसे कोबरा पोज़ भी कहते है। हर रोज भुजंगासन का अभ्यास करने से हाथ, कंधे, पीठ, कोहनियों में अकड़न दूर हो सकती है। साथ ही सर्वाइकल से परेशान लोगों के लिए यह काफी कारगर साबित हो सकता है।

धनुरासन (Dhanurasana)

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल जमीन पर लेटे। बाद में हाथ को पीछे करते हुए दोनों पैरों को पकड़ ले। इसके बाद सांस लेते हुए सीने और पैर को ऊपर की ओर ले जाये। फिर कुछ देर इसी अवस्था में रहें। बाद में सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति आ जाएं। ऐसा कम से कम 5 बार करें।

ताड़ासन (Tadasana)

इस आसन में सबसे पहले आप एक सीधे खड़े हो । फिर हाथ को सिर के ऊपर की ओर करे और सांस लेते हुए शरीर को ऊपर की ओर खींचें। इस अवस्था में कुछ देर रहें। फिर सांस को छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में हो जाएं। ऐसा 5 बार करें।

मत्स्यासन (Matsyasana)

मछली की तरह किया जाने वाला यह आसन रीढ़ की हड्डियों को मजबूत और लचीलापन प्रदान करने में सहायता प्रदान करता है। इसके साथ ही यह आसन नियमित रूप से करने से सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या से निजात मिल सकती है। मत्स्यासन करने कंधे और गर्दन की मांसपेशियों को राहत मिलती है। सर्वाइकल को दूर करने के लिए सिकाई भी कर सकते है जिसमे बर्फ की सिकाई बहुत राहत प्रदान कर करती है।

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