पर्यावरण और परिवेश की स्वच्छता को एक जन अभियान में तब्दील किया जाना चाहिए । डॉ. जितेन्द्र सिंह

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस 2018 पर आयोजित एक कार्यक्रम का उद्घाटन किया

नई दिल्ली । केन्‍द्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास (डोनर) राज्य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक,लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस 2018 के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम है “बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन।“

इस कार्यक्रम का आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इकॉलॉजी एंड एनवायरमेंट और इसके अन्य सहयोगियों ने मिलकर किया। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम है “बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन।“

इस अवसर  सिंह ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें पर्यावरण के संरंक्षण के प्रति पुन: समर्पित भाव से कार्य करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए हमें अभी बहुत कार्य करने की आवश्यकता है।

चार वर्ष के कार्यकाल में कुल 7.5 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं।

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार द्वारा शुरू किये गए स्वच्छता अभियान के बारे में उन्होंने का कि यह अब जन अभियान बन चुका है। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि लड़कियों के लिए शौचालय बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है और पिछले एक वर्ष के दौरान 4 लाख टॉयलेट का निर्माण हुआ है। साथ ही चार वर्ष के कार्यकाल में कुल 7.5 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कई पहल की हैं।  सिंह ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लोगों की सोच में भी बदलाव का जरूरत है।

प्लास्टिक पॉल्यूशन को बड़े स्तर पर जागरूकता पैदा करने से ही रोका जा सकता है।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि इस वर्ष पर्यावरण दिवस की थीम “बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन” बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोगों को प्लास्टिक से समुद्री जीवन, मानवीय स्वास्थ्य और पर्यावरण को पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है। सिंह ने कहा कि प्लास्टिक पॉल्यूशन को बड़े स्तर पर जागरूकता पैदा करने से ही रोका जा सकता है।