सीएम ने पीएससी पुलिस बटालियन की दी सौगात 

गोरखपुर । सीएम योगी आदित्यनाथ आज दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर में आये, जिसको लेकर कई कार्यक्रमो का आयोजन किया गया, जिसमे आज देर शाम फर्टीलाइजर के एसएसबी ग्राउंड में 562 करोड़ की सौगात देने सीएम योगी पहुँचे, जिनकी अगुवाई में सभी आला अधिकारी मौके पर मौजूद थे ।

उत्तर प्रदेश पुलिस को भी गोरखपुर वासियों को भी बधाई देता हूं कि आज माघ पूर्णिमा का दिन है, और इस अवसर पर एक साथ दो संस्थान गोरखपुर को मिल रहे हैं, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल गोरखपुर में पीएसी की सेंटर में संचालित हो रही थी, इसकी क्षमता भी कम थी इसकी क्षमता को दोगुना करने और इसका अपना स्वयं का कैंपस हो जहां इसको लेकर आज पहल की गई। पर पुलिस के कर्मचारियों को अधिकारियों को पुलिसकर्मियों को बेहतर ट्रेनिंग दी जा सके, उस बेहतर ट्रेनिंग के लिए उनका स्वयं का एक सेंटर हो, लगभग 25 वर्षों से गोरखपुर का यह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल जमीन के अभाव में अपना स्वयं का ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट नहीं खोल पा रहा था, आज गोरखपुर में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्मिकों के लिए एक नया ट्रेनिंग स्कूल के लिए भूमि भी मिली है, और उसके भवन के शिलान्यास का कार्यक्रम संपन्न हो रहा है, इसके लिए मैं उत्तर प्रदेश पुलिस जवानों को सभी अधिकारियों को और गोरखपुर वासियों को भी और खासतौर पर युवाओं को बधाई देता हूं ।

3 पीएसी की नई जो वाहिनी गठित हो रही है, उसमें गोरखपुर में दो से लखनऊ में तीसरी बदायूं में तो गोरखपुर में पीएसी की जिस नई पुलिस पीएसी वाहिनी का गठन महिला विंग का गठन होने जा रहा है, उसका भी शिलान्यास आज हम सब यहां पर करने जा रहे हैं, यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है, 2017 में हमारी सरकार बनी थी तो समय उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग डेढ़ लाख पद खाली थे अनुमान कर सकते हैं देश में आबादी का सबसे बड़ा राज्य कानून व्यवस्था के जिससे जहां पर सबसे ज्यादा चैलेंज है।

जहां पर हर दूसरे तीसरे दिन एक बड़ा दंगा होता था पेशेवर अपराधी यहां पर संगठित अपराध को बढ़ावा देते थे और अपराध कुछ लोगों का व्यापार बन चुका था, ऐसे लोगों पर लगाम कसने के लिए और सक्षम पुलिस हो लेकिन हमारे पास तो पर्याप्त तो मेन पावर भी नहीं था और उसका इतना भाव था कि कुल 3:30 लाख की क्षमता उत्तर प्रदेश पुलिस की होनी चाहिए थी उसमें से आधी जगह खाली पड़ी थी पीएसए कंपनियां समाप्त कर दी गई थी जैसे के तहत पूरे उत्तर प्रदेश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की शरारत हो रही हो और यह कार्य पिछली सरकारों में किया गया ।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले कोई साइबर थाना नहीं था। दो जनपदों में फॉरेंसिक लैब थी, लेकिन उनकी स्थिति बहुत दयनीय थी। वर्तमान में प्रदेश में 6 स्थानों पर फॉरेंसिक लैब स्थापित हो रही हैं। इसके साथ ही दो साइबर पुलिस थाने नोएडा और लखनऊ में स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में एक फॉरेन्सिक लैब और एक साइबर थाना स्थापित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की है।

योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पुलिस एवं फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी बनाने का भी निर्णय लिया है। ये सारे कार्य जमीनी स्तर पर होते हुए दिखाई देंगे, तो साइब क्राइम जीरो होगा और समय पर फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने पर अपराधियों को जल्दी सजा मिल सकेगी, मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दक्ष और स्मार्ट पुलिसिंग के जरिए हम जनता के मन में विश्वास पैदा कर सकते हैं। इसका उदाहरण हम फर्रुखाबाद से ले सकते हैं, जहां पुलिस ने सफल ऑपरेशन करते हुए एक सिरफिरे को मार गिराया था और 23 मासूम बच्चों को बिना खरोच लगे बचाया था। उन्होंने कहा कि तकनीक के जरिए हम बड़े से बड़े चैलेंज को सुलझा सकते हैं और अपराधियों के अंदर भय पैदा कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह वही प्रदेश है, जहां से निवेशक भागते थे। आज हम ढाई वर्ष में ढाई लाख करोड़ रुपये का निवेश कराने में सफल रहे हैं। डिफेंस एक्सपो के माध्यम से डिफेंस कॉरिडोर में 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है। इससे 5 लाख नौजवानों को नौकरी और रोजगार मिलेगा ।

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