सीएम ने किया एक साथ चार मंदिरों में मूर्तियों के प्राण प्रतिष्ठा 

सबको मैं शिवरात्रि की बधाई देता हूं अपनी शुभकामनाएं देता हूं, यह मानसरोवर का पवित्र मंदिर है, और यह वर्षों से स्थान यहां पर गोरखपुर वासियों की श्रद्धा का केंद्र बिंदु रहा है – सीएम योगी

गोरखपुर । गोरखपुर अपने दो दिवसीय दौरे पर आए सीएम योगी आज सहजनवा के बाद गोरखनाथ मंदिर पहुचे और फिर मानसरोवर पहुँच कर प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में शिरकत किया और बारी बारी चारो मंदिरों में जाकर भगवान की पूजा अर्चना की, और आज एक अद्भुत पल बताया ।

सीएम योगी ने कहा सबको मैं शिवरात्रि की बधाई देता हूं अपनी शुभकामनाएं देता हूं, यह मानसरोवर का पवित्र मंदिर है, और यह वर्षों से स्थान यहां पर गोरखपुर वासियों की श्रद्धा का केंद्र बिंदु रहा है, ध्यान न दे जाने के कारण धीरे-धीरे करके मंदिर जर्जर होता गया, और एक समय ऐसा भी आया, जब सभी मंदिर पूरी तरह जर्जर हो चुके थे, टूट चुके थे कल, हम लोगों को भी वर्ष में केवल एक बार आने का अवसर प्राप्त होता था, वह भी विजयदशमी के दिन और मैं जानता हूं, पिछले 25, 26 वर्षों से जब भी यहां पर गोरखनाथ मंदिर से गोरक्ष पीठाधीश्वर की रामनवमी के बाद विजयादशमी के बाद विजयादशमी का जुलूस निकलता था, तो हम लोगों को शोभायात्रा के साथ आने जलाभिषेक करने और मंदिरों में दर्शन करने का अवसर प्राप्त होता, बहुत पुरानी पड़ चुकी थी खंडित हो चुकी थी इसलिए संस्थान का उद्धार किया जाना बहुत आवश्यकता है।

हम लोगो ने इसे फिर से पहले की तरह तालाब के पुनरुद्धार के कार्यवाही को आगे बढ़ाया था, बन चुका था लेकिन उसके सुंदरीकरण के कार्य को आगे नहीं बढ़ा पाए थे, उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से पर्यटन विभाग ने तालाब और उसके आसपास के सुंदरीकरण के कार्य को अपने हाथ में लिया, और साथ-साथ देखते ही देखते गोरखपुर के दानदाताओं ने यहां पर इन चारों मंदिरों का निर्माण कारक कराने को लेकर इसे हाथों में लिया और उसका परिणाम है कि भव्य मंदिर आज गोरखपुर वासियों को मिला।

सौभाग्य की बात शिवरात्रि के अवसर पर इतना अच्छा स्थान प्राप्त होना, जो व्यक्ति धार्मिक स्थलों का परईग अपने फायदे के लिए करता है, वो व्यक्ति कभी प्रगति नहीं कर सकता क्योंकि यह सार्वजनिक संपत्ति होती है, जन सहयोग और सहभागिता के माध्यम से यह कार्यक्रम आगे बढ़ते हैं और उसी का एक आदर्श यहां पर मानसरोवर मंदिर भी है कभी पूरी भव्यता के साथ यहां पर अवस्था का माहौल था ।