चमगादड़ों को खाने से होता है कोरोना वायरस, 1 सप्ताह के दौरान हो जाती है मृत्यु

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कोरोना वायरस के फैलने के लिए जंगली जानवरों के सेवन को जिम्मेदार माना जा रहा है, इसमें अभी तक सबसे बड़ी भूमिका चमगादड़ों की मानी जा रही है

जिस तरह से रैबीज के वायरस के लिए कुत्तों को जिम्मेदार माना जाता है ठीक उसी तरह से कोरोना वायरस के फैलने के लिए जंगली जानवरों के सेवन को जिम्मेदार माना जा रहा है। इसमें अभी तक सबसे बड़ी भूमिका चमगादड़ों की मानी जा रही है। चूंकि चीन में हर तरह से पशु पक्षी खाए जाते हैं, उनकी खरीद बिक्री वहां होती है।

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इसी वजह से इनको बीमारी का केंद्र भी वहीं है। चीन के वुहान शहर में इन अजीबोगरीब जानवरों को खरीब-बिक्री की सबसे बड़ी मार्केट है, वहीं से इस खतरनाक वायरस का जन्म माना जा रहा है। वायरस इतना खतरनाक है कि जो इसकी चपेट में आ रहा है एक सप्ताह के दौरान उसकी मृत्यु निश्चित बताई जा रही है। फिलहाल चीन में तमाम वैज्ञानिक इस वायरस का टीका खोजने में लगे हुए हैं।कोरोना वायरस

उधर पूरी दुनिया में इस वायरस को लेकर एलर्ट घोषित किया जा चुका है। जिन देशों के नागरिक और स्टूडेंट चीन के किसी भी शहर में किसी वजह से रह रहे हैं उन सभी को पहले ही सावधान कर दिया गया है, साथ ही उनसे एहतियात बरतने को भी कहा जा रहा है जिससे वो इसकी चपेट में ना आने पाएं। भारत भी चीन के शहरों में फंसे अपने स्टूडेंट और अन्य लोगों को फरवरी के पहले सप्ताह में वहां से एयरलिफ्ट करने की तैयारी में है।

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द सन नामक वेबसाइट में एक वीडियो जारी किया गया है जिसमें एक लड़की को चमगादड़ का सूप पीते और उसे खाते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को देखने के बाद इस बात को और जोर मिला है कि चीन में लोग चमगादड़ों को मजे से खाते-पीते हैं और उसका सूप भी पीते हैं। ये चमगादड़ गहरे काले रंग का है। जिसको लड़की खाने और उसका जूस पीने की कोशिश कर रही है।

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चीन के जिस वुहान शहर से इस वायरस की उत्पत्ति मानी जा रही है, वहां की मार्केट में चमगादड़ भी बेचे खरीदे जाते हैं। चीन में चमगादड़ का सूप पीने का भी एक रिवाज है। कुछ शौकीन लोग चमगादड़ को खाते भी है।कोरोनावायरस के आनुवंशिक विश्लेषण ने वैज्ञानिकों को यह सोचने के लिए प्रेरित किया है कि ये वायरस सांपों में पाए गए, फिर उनसे चमगादड़ों में पहुंचे, चमगादड़ों का सेवन करने से ये मनुष्य में पहुंचे और अब ये अपने विकराल रूप में हैं। ब्रिटेन में रहने वाले चमगादड़ों(बैट्स) की 18 अलग-अलग प्रजातियां हैं। इनमें से कुछ चमगादड़ों की प्रजातियां मनुष्यों के आसपास भी रहती है जबकि कुछ जंगली इलाकों में ही रहते हैं। कई बार इन चमगादड़ों को लोग पकड़ते हैं और उनको इस तरह के बाजारों में लाकर बेच देते हैं।कोरोना वायरस

वर्तमान कोरोनवायरस वायरस पहले से ही पूरे विश्व में फैल चुका है। साथ ही चीन में सैकड़ों की पुष्टि की गई है। अब ये वायरस अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड में भी फैल चुके हैं। ब्रिटेन और मैक्सिको में भी सैकड़ों संदिग्ध मामलों की जांच की जा रही है। यह नया खतरा नहीं है पहला हत्यारा कोरोनावायरस चमगादड़ मानव आबादी के लिए लाया है।

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