दबंगों की हुई खाकी, भटकते फरियादी

गाव की एक गरीब अल्पसंख्यक महिला पर युवक और युवती को भगाने का आरोप लगाते हुए दबंगो ने जान से मारने की नीयत से मारा पीटा

कुशीनगर। उन्मादी भीड़ के जान लेने की घटना पर चर्चा शांत नहीं होती कि कोई दूसरी घटना की ख़बर कही न कही से आ ही जाती है। लगातार मॉब लिंचिंग की घटनाएँ घटने की जगह बढ़ती जा रही है। मॉब लिंचिंग जैसी घटना कुशीनगर जनपद में भी होते होते बच गई, जहा तरयासुजान थाना क्षेत्र के भटवलिया नम्बर दो में रहने वाले एक युवक और युवती आपसी रजामंदी से गायब होने पर गाव के कुछ दबंगो ने उसी गाव की एक गरीब अल्पसंख्यक महिला पर उन्हें भगाने का आरोप लगाते हुए जान से मारने की नीयत से मारने पीटने लगे। अगर महिला अपनी जान बचा कर न भागी होती तो आज मॉब लिंचिंग जैसी घटना कुशीनगर में भी घट जाती।

कुशीनगर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय गेट पर ही लिखा गया है “फरियादियो को हित सर्वोपरी” औऱ “उत्तर प्रदेश पुलिस आप की सेवा में सदैव तत्पर” इन पंक्तियों को पढ़ने के बाद पुलिस को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होता हैं, तो दूसरी ओर पीड़ितों और फरियादियो में भी न्याय मिलने की आस जग जाती हैं। पर लगता है कुशीनगर जिला का तरयासुजान थाना की पुलिस ने आज तक यह श्लोग्न पढ़ा नही या दिवारो पर लिखी बातों से इनका कोई लेना देना नही वरना माब-लिंचिग जैसी घटना के मामले में खाकी ने असर दिखाने की जगह दबंगो को ही संरक्षण देने के लिये अपने कर्तव्यों को ही सही मान लिए। बतलाया जा रहा है कि भटवलिया नम्बर दो गांव की भीड़ एक महिला पर गांव की एक लड़की को भगाने का आरोप लगाते हुए कानून को ही हाथो में ले लिए और महिला को शक के आधार पर सामूहिक तौर पर सजा देने की कोशिश की जिसका किसी ने वीडियो बना लिया पर पीड़ित महिला के साथ पुलिस ने न्याय दिलाने के बजाए उसके घर के लोगों को ही धाराओं में पाबन्द करना शुरु कर दिया जिसके कारण आज एक गरीब पीड़ित महिला न्याय के लिए अधिकारियो के चक्कर लगा रही है।

पीड़ित महिला ने बतलाया कि गांव के ही एक युवक और युवती आपसी रजामंदी से गायब हो गए हैं। जिसके बाद गाव के कुछ दबंगो ने मेरे घर धावा बोल मुझे घर से खींच बुरी तरह मारने पीटने लगे। उक्त महिला उसी एक गरीब अल्पसंख्यक परिवार से है जिस पर गांव वालों ने लड़का और लड़की को भगाने का आरोप लगाते हुए जान से मारने पहुचे थे। पीड़ित महिला का पति दुसरे प्रदेश में जाकर मजदूरी करता है, महिला अपने बच्चो के साथ अपने घर में अकेले ही रहती है। बेबस महिला को मार खाता तो पूरे गाव के लोग देखे पर सभी तमाशबीन बनकर देखने के सिवाय और कुछ करने लायक नही थे। कानून का डर दबंगो को बिल्कुल नही था, और न ही गांव के लोगो का डर से, अब इन दबंगो के हौसले की बात करे तो गांव का कोई भी ग्रामीण इस घटना को रोकने की जुर्रत तो कोई कर नही पाया पर घटना की किसी ने मोबाईल से महिला की पिटाई का वीडियो जरूर बना लिया जिसको बाद में वायरल कर दिया गया।

वायरल वीडियो में आप देख सकते है कि वीडियो में महिला को डंडों से बुरी तरह पीटा जा रहा है जिसके बाद गाव का कोई व्यक्ति बचाने जाता है जिसके बाद बगल में खड़े दबंग उसके उपर भी टूट पड़ते है। जिसके बाद दर्शको में ग्रामीणों में भगदड़ मच जाती है। भगदड़ में किसी तरह महिला ने अपनी जान बचा कर भाग जाती है जिसके बाद अपने परिजनों के साथ न्याय के लिए पुलिस चौकी तमकुहीराज पहुची पर उसे क्या पता था की खाकी भी दबंगो की हो चुकी है। पहले तो उस मामले को दबाने का प्रयाश किया गया। जब पीडिता ने पुलिस की बात न मानी तो उसके परिजनों पर ही कानूनी डांडा चला दिया और उन्हें 107/16 में पाबंद कर दिया जिसके बाद परिजनों ने अपनी जमानत करायी और महिला का साथ देने से डरने लगे, अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा व् न्याय के लिए महिला अधिकारियो चक्कर काट रही है पर कोई भी उसकी बात सुनने वाला नही है। जब की इस मामले पर पुलिस अधिकारियो से बात की गयी तो उन्होंने दोषियो पर कार्यवाही की बात तो कही पर होगी कब यह नही बतलाया गया। फिलहाल पीड़ित और पीड़ित का परिवार ख़ौफ़ जदा है और न्याय की उमीद लगाए अधिकारियों के चक्कर काट रही है।