वाणिज्य विभाग ने बनाया दबाव, डाक विभाग ने जमा किया 19 लाख जीएसटी, ब्याज बाकी

ज्वाइंट कमिश्नर सुभाष चंद शर्मा ने विभाग से अपील की है कि हर महीने जीएसटी जमा करना दोनों विभागों के लिए फायदेमंद होगा

गोरखपुर। वाणिज्य कर विभाग ने शहर के दोनों प्रधान डाकघरों से जीएसटी के रूप में 19.07 लाख रुपये जमा करा लिए हैं। हालांकि ब्याज की रकम अभी बाकी है। इसके लिए विभाग की एसआईबी टीम को काफी दबाव बनाना पड़ा। ज्वाइंट कमिश्नर सुभाष चंद शर्मा ने विभाग से अपील की है कि हर महीने जीएसटी जमा करना दोनों विभागों के लिए फायदेमंद होगा।

जेसी एसआईबी श्री शर्मा ने बताया कि जुलाई 2017 से जीएसटी लागू है। डाक विभाग ने बीमा, बिजनेस ऑग्जीलरी, बैंकिंग, कोरियर व फाइनेंसियल सेवाओं के मद में किए गए भुगतान पर नियमानुसार एक भी रुपये जीएसटी नहीं जमा किया था। इसकी जानकारी होते ही एसआईबी सक्रिय हुई और नोटिस दी गई तो डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शुरू में ही उन्होंने जीएसटी में पंजीयन कराया था मगर वह काम नहीं कर रहा है।

वाणिज्य कर विभाग ने इसके बाद मार्च महीने में दोबारा पंजीयन कराया। जिसके बाद जीएसटी जमा करने की कई नोटिस जारी की गई। अंत में अधिकारियों से मिलकर जीएसटी जमा नहीं करने के नुकसान बताए गए तब जाकर प्रधान डाकघर गोलघर ने 14.16 लाख व कूड़ाघाट प्रधान डाकघर ने 4.91 लाख रुपये जीएसटी का बकाया जमा किया। जेसी एसआईबी ने बताया कि समय से टैक्स नहीं देने वालों से ब्याज व जुर्माना भी वसूला जाना है। इस बाबत भी डाक घर को नोटिस भेजी जा रही है।