दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष योगदान दे अध्यापक, खुद अभिभावक बन उनको शिक्षा के लिए प्रेरित करे – DM गोरखपुर

17 करोड़ की लागत से सी.आर.सी. का निर्माण हो रहा है जो दिव्यांग बच्चों के पुर्नवास के लिए कार्य करेगा

गोरखपुर। जिलाधिकारी के0विजयेन्द्र पाण्डियन ने कलेक्ट्रेट सभागार में परिभ्रामी अध्यापकों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिया कि दिव्यांग बच्चों को स्वावलम्बी बनाने के लिए कार्य करना होगा। हम लोगों को ही उनका अभिभावक बनकर अच्छी शिक्षा के साथ उन्हें स्वावलम्बन के लिए प्रशिक्षित करना होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी परिभ्रामी अध्यापक सक्रिय होकर पूरी मेहनत के साथ कार्य करें तथा एक अच्छी टीम बनकर सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित एंव कम सुनने वाले तथा इसी प्रकार के अन्य विकलांग बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए सभी अध्यापक अपना विशेष योगदान दे सकते है और ऐसे बच्चों को चिन्हित भी करें जिनको सर्जरी आदि के माध्यम से ठीक भी किया जा सकता है, इसके लिए ऐसे दिव्यांग बच्चों की सूची 20 जुलाई तक उपलब्ध करा दें जिससे कैम्प लगवाकर ऐसे बच्चों का परीक्षण कर उनका उचित इलाज कराकर उन्हें ठीक कराया जा सके। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाने के लिए जो भी संसाधन एंव उपकरणों की आवश्यकता होगी उसकी व्यवस्था की जायेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि 17 करोड़ की लागत से सी.आर.सी. का निर्माण हो रहा है जो दिव्यांग बच्चों के पुर्नवास के लिए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करना बेहद ही जरूरी है और उनको जागरूक करने से बच्चों को शिक्षित करने में आसानी होगी। उन्होंने ब्लाकवार एंव अध्यापकवार उनके कार्यों की समीक्षा भी की।
इस दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित सभी ब्लाकों के परिभ्रामी अध्यापक उपस्थित रहे।