राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करने पर हुई चर्चा

राम जन्मभूमि

राम मंदिर का प्रारूप वही होगा जिस प्रारूप को विश्व हिंदू परिषद और श्री राम जन्मभूमि न्यास ने पूरे देश में प्रसारित किया है

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा गठित ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ की पहली बैठक में महंत नृत्य गोपाल दास (Nritya Gopal Das) को ट्रस्‍ट का अध्यक्ष बनाया गया है। सूत्रों ने बताया कि चंपत राय (Champat Rai) ट्रस्‍ट के महामंत्री होंगे। बैठक में निर्माण कार्य पूरा करने की समयसीमा निर्धारित करने के मसलों पर भी चर्चा होनी है। बैठक में महंत धीरेंद्र दास, स्वामी परमानंद जी महाराज, वासुदेवानंद जी महाराज, चंपत राय, महंत नृत्य गोपाल दास, कामेश्वर चौपाल, अवनीश अवस्थी, महंत गोविंद गोविंद देव जी महाराज प्रसन्ना तीर्थ पहुंचे हैं।

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उत्‍तर प्रदेश सरकार की ओर से दो आइएएस अधिकारी ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ की बैठक में भाग ले रहे हैं। इन अधिकारियों में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी और अयोध्या के जिला मजिस्ट्रेट अनुज झा शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि उक्‍त दोनों अधिकारी ट्रस्ट में पदेन सदस्य होंगे और मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में कानून और व्यवस्था की स्थितियों की देखरेख करते हुए मदद करेंगे। सूत्रों की मानें तो बैठक में पारदर्शी तरीकों पर खास तौर पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि ‌भविष्य में किसी तरह का विवाद पैदा नहीं हो।

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ट्रस्ट के सदस्य वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि ट्रस्ट की बैठक का कोई एजेंडा नहीं आया है। मैं आशा करता हूं आज की बैठक में शीघ्र मुहूर्त तय करके राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करने पर चर्चा होगी। धन संग्रह के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि मंदिर निर्माण में किसी व्यक्ति विशेष का धन नहीं लगना चाहिए। हर व्यक्ति का कम से कम एक रुपये और अधिक से अधिक 11 रुपये का अंशदान स्वीकार किया जाना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि राम मंदिर का प्रारूप वही होगा जिस प्रारूप को विश्व हिंदू परिषद और श्री राम जन्मभूमि न्यास ने पूरे देश में प्रसारित किया है। इसी प्रारूप पर विश्वास करके जनता ने सवा सवा रुपए अंशदान करके सवा आठ करोड़ रुपए राम जन्मभूमि न्यास को दिया था। इस योगदान से 30 करोड़ रुपए के पत्थर बन कर तैयार हैं।

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राम जन्मभूमि

सूत्रों की मानें तो ट्रस्ट के प्रमुख के. परासरण के दिल्ली आवास पर हो रही इस बैठक में राम मंदिर के निर्माण के मुहूर्त की घोषणा की जा सकती है। यही नहीं मंदिर के नक्शे, धन की व्यवस्था और ट्रस्ट के सदस्यों की जिम्मेदारियों का भी बंटवारा किया जा सकता है। बैठक में कम से कम दो सदस्यों की जो नियुक्ति होनी है जिस बारे में विचार किया जा सकता है। सरयू तट तक राम कॉम्प्लेक्स बनाने और जनता से पैसे लिए जाएं या नहीं इस मुद्दे पर भी बातचीत हो सकती है।

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अयोध्‍या, आइएएनएस मंदिर के मुख्‍य पुजारी आचार्य सत्‍येंद्र नाथ ने कहा है कि मंदिर का निर्माण शुरू होने पर राम लला की प्रतिमा को मानस भवन के पास दूसरी साइट पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उन्‍होंने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य के लिए मौजूदा मंदिर स्‍थल को खाली करना होगा, ताकि निर्माण कार्य में बाधा न आए। मानस भवन के पास एक अस्थायी मंदिर बनाया जाएगा जहां भव्य मंदिर का निर्माण होने तक देवता विराजमान रहेंगे।

अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के सदस्य स्वामी गोविंद देव गिरि ने बुधवार को ट्रस्ट का नेतृत्व करने के लिए श्री रामजन्मभूमि न्यास के प्रमुख नृत्य गोपाल दास के नाम का प्रस्ताव रखा। उन्‍होंने कहा कि मैं यह कहना चाहूंगा कि दास ट्रस्ट के सबसे सम्मानित सदस्यों में से हैं। उन्हें ट्रस्ट का नेतृत्व करने के लिए कहा जाना चाहिए और हम उनका अनुसरण करेंगे। मालूम हो कि ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ में 15 सदस्य शामिल हैं।