लेखपाल हड़ताल – जिला प्रशासन सख्त, जिलाध्यक्ष समेत 17 लेखपाल निलंबित

जिलाध्यक्ष ने कहा जारी रहेगा धरना प्रदर्शन, हम झुकने वाले नही

गोरखपुर। अत्यावश्यक सेवाओ का अनुरक्षण अधिनियम 1966 (उ0प्र0 अधिनियम संख्या 30 सन् 1966) की धारा-3 की उपधारा-(1) के अधीन प्रद्त्त शक्ति का प्रयोग करते हुये श्री राज्यपाल महोदय के द्वारा लेखपालों के हडताल को 6 माह के अवधि के लिये निषिध किया है। इस सम्बन्ध मे लेखपालों से कार्य पर वापस आने के लिये अपील किया गया था परन्तु उनके द्वारा कार्य से विरत रहकर हडताल जारी रखा गया है।

कार्य पर न आने को पर जनपद के लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नीलकण्ड धर दूबे, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष रामकेवल सिंह, कनिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वजीत शाही जिलामंत्री जगदीश, जिला संगठन मंत्री जावेद खां, सदर तहसील के अध्यक्ष दिनेश कुमार पंकज, गोला तहसील के अध्यक्ष रामाशंकर सिंह, मंत्री ओमप्रकाश यादव, कैम्पियरगंज तहसील के नागेन्द्र दूबे अध्यक्ष व मंत्री दिवाकर चन्द्र वर्मा, चैरीचैरा के अध्यक्ष नमन कुमार मंत्री अमित कुमार, सहजनवां तहसील के अध्यक्ष योगेन्द्र यादव, मंत्री राजेश पाठक, खजनी तहसील के अध्यक्ष राम दयाल, मंत्री अश्विनी सिंह तथा बांसगांव के अध्यक्ष संतोष राय, मंत्री अंजनी कुमार त्रिपाठी लेखपालो को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है साथ ही 469 नये प्रशिक्षु लेखपालो को सेवा से हटाने के सम्बन्ध मे कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है क्योकि अभी उनकी प्रोवेशन काल अवधि भी पूर्ण नही है। जिन लेखपालो को नोटिस दिया गया है सदर तहसील के 98, गोला के 78, चैरीचैरा के 49, कैम्पियरगंज के 36, बांसगांव के 70, सहजनवां के 56 तथा खजनी के 82 के नये लेखपाल शामिल है। उक्त जानकारी अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने दी है।

एडीएम प्रशासन प्रभुनाथ ने कहा कि लेखपालों की हड़ताल पर राज्यपाल ने 6 महीने की रोक लगाई थी सभी लेखपाल को इस सम्बंध में जानकारी देते हुए हड़ताल समाप्त करने के लिए अपील किया गया था।बाउजूद वे नही माने।

हमारे सहाफी ने लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष से बात की तो जिलाअध्यक्ष नीलकंठ दुब और मंत्री जगदीश ने कहा कि प्रशासन कितना भी दमनात्मक कार्यवाही करे अब लेखपाल पीछे नही हटने वाले,हम लोग जेल जाने को भी तैयार है।जब तक हमारे प्रदेश नेतृत्व की तरफ से कोई निर्देश नही आता हमारी हड़ताल और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।