मस्जिदों और ईदगाहों में अदा की गई ईद-उल-अजहा की नमाज़, देश में अमन की मांगी दुआएं

Eid-Ul-Adha

हजरत इब्राहिम की सुन्नत और (कुर्बानी) समर्पण का त्योहार ईद-उल-अजहा (Eid-Ul-Adha, बकरीद)

पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-अजहा (Eid-Ul-Adha, बकरीद) का त्योहार मनाया जा रहा है। इस पाक मौके पर कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश की सभी मस्जिदों और ईदगाहों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई साथ ही देश की तरक्की और अमन-ओ-अमान की दुआ मांगी गई।

ईद-उल-अजहा के मौके पर ऐशबाग ईदगाह लखनऊ में नमाज अदा करते लोग

दरगाह दादा मिया माल एवेन्यू लखनऊ में ईद-उल-अजहा की नमाज़ अदा करते लोग, दरगाह दादा मिया में देश की तरक्की और अमन-ओ-अमान की दुआ मांगी गई।

दरगाह दादा मिया माल एवेन्यू लखनऊ

ये भी पढ़े: बकरीद के मौके पर (kashmir) कश्मीर की जनता को सरकार की तरफ से तोहफा

जिला लखीमपुर खीरी के कस्बा मैलानी मे अकीदत के साथ हुई Eid-Ul-Adha की नमाज। मस्जिद के इमाम तकीउददीन ने देश मे अमन शान्ति के लिए दुआ की तथा आपस मे भाई चारे का सन्देश दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी ईद-उल-अजहा (बकरीद) की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘ईद-उल-अजहा के अवसर पर मेरी शुभकामनाएं। मुझे आशा है कि यह हमारे समाज में शांति और खुशहाली की भावना को मजबूती देगी। ईद मुबारक!’

हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाई जाती है बकरीद

बकरीद का त्योहार मुसलमान हजरत इब्राहिम की सुन्नत अदा करने के लिए जानवरों की कुर्बानी देकर मनाते हैं। ऐसा बताया जाता है कि अल्लाह ने एक दिन हजरत इब्राहिम से सपने में उनकी सबसे प्रिय चीज की कुर्बानी मांगी। हजरत इब्राहिम अपने बेटे से बहुत प्यार करते थे, इसलिए उन्होंने अपने बेटे की कुर्बानी देने का फैसला किया। अल्लाह का हुक्म मानते हुए हजरत इब्राहिम ने जैसे ही अपनी आंखें बंद कर अपने बेटे की गर्दन पर वार किया तो अल्लाह ने उन्हें बचाकर एक दुम्बा की कुर्बानी दिलवा दी, तभी से बकरीद मनाने का प्रचलन शुरू हुआ।

ये भी पढ़े: लखनऊ: 1090 चैराहे पर मनेगा आज़ादी का जश्न (Celebration of freedom)

बकरीद पर गरीबों का विशेष ध्यान रखा जाता है। बकरीद के दिन कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। एक खुद के लिए, दूसरा सगे-संबंधियों के लिए और तीसरा गरीबों के लिए। बकरीद के दिन उन मुस्लिमों पर अल्लाह तालाआ ने कुर्बानी करना फर्ज फरमाया है, जिनके पास साढ़े 52 तोला चांदी, साढ़े सात तोला सोना या इतनी ही कीमत की नकदी हो और उस पर किसी का कर्ज न हो।

देखे वीडियो –

बस 1 क्लिक पर जानें देश-दुनिया की ताजा-तरीन खबरें Download करें संस्कार न्यूज़ चैनल की Application नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें या फिर play store पे sanskarnews सर्च करें- लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज- https://fb.com/sanskarnewslko/
Loading...