सूदखोरों के आतंक से कर्मचारी की जलकर हुई मौत पर सियासत, पूर्व मंत्री व कांग्रेसी नेता संजय सिंह परिजनों से मिले

गोरखपुर। रेलवे महाप्रबंधक दफ्तर के पास स्थित रेलवे प्रेस में कर्मचारी संजय कुमार यादव 55 की  रहस्मय ढंग से जलने से मौत हो गई,बेटा आशुतोष यादव ने सूदखोरों पर जलाकर मारने का आरोप लगाते हुए कैंट थाने में तहरीर दी है वही पुलिस आत्महत्या मान कर मामले की जांच कर रही है, वही इस मामले में सियासत भी सुरु हो गई है आज गोरखपुर पहुचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री भारत सरकार संजय सिंह कांग्रेसियो के साथ मृतक के निवास पहुँचे और परिजनों को ढांढस बंधाया,सांसद संजय सिंह ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

पुरदिलपूर निवासी संजय कुमार यादव रेलवे प्रेस में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे दोपहर 1:30 बजे भोजनावकाश पर प्रेस के अधिकतर कर्मचारी खाने चले गए चौथी मंजिल पर स्थित टाइपिंग सेक्शन में संजय सहित कुछ कर्मचारी मौजूद थे करीब 1:35 बजे बाथरूम के पास शोर सुनकर अंदर मौजूद कर्मचारी उधर भागे वहां आग की लपटों से घिरे संजय चिल्ला रहे थे कर्मचारियों ने आग बुझाने की कोशिश के साथ इसकी सूचना RPF को दी RPF के ना आने पर पुलिस कंट्रोल रूम में घटना की जानकारी दी और एंबुलेंस बुलाई एंबुलेंस पहुंचने से पहले ही संजय ने दम तोड़ दिया।

घटना की जानकारी पर रिश्तेदारों के साथ पहुंचे संजय के बेटे आशुतोष यादव ने रेलवे में सूदखोरी का धंधा करने वाले 4 लोगों पर हत्या का आरोप लगाया आशुतोष के मुताबिक नोटबंदी के दौरान सूत्रों ने उनके पिता को रूपए 6 लाख लिए थे ब्याज जोड़कर यह रकम 13 लाख रुपए हो गए थे रकम लौटाने के लिए कुछ दिनों पहले सूदखोरों ने पिता के साथ मारपीट भी की थी और लगातार धमकी दे रहे थे कहा कि उनके पिता ने 11 लाख रुपए वापस कर दिए थे रूपए 2 लाख के लिए मोहलत मांग रहे थे।

प्रेस में नहीं हो सकती किसी बाहरी की इंट्री

संजय के साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि वह 5 दिनों से गुमसुम थे कभी कबार की ही किसी से बात करते थे कर्मचारियों के मुताबिक प्रदेश में कोई भी बाहरी शख्स नहीं आ सकता है।