जिला अस्पताल मेे अगले माह से करा सकेंगे मुफ्त डायलिसिस

DM ने दिए निर्देश, इसमें हीलाहवाली नहीं चलेगी, हेरिटेज हॉस्पिटल वाराणसी की देखरेख में होगी डायलिसिस

गोरखपुर। जिला अस्पताल में अगले महीने से डायलिसिस यूनिट शुरू हो जाएगी। यह सुविधा मेडिकल कॉलेज की तरह पूरी तरह से नि:शुल्क रहेगी। यहां एक दिन में 30 मरीजों का डायलिसिस हो सकेगा। डायलिसिस हेरिटेज हॉस्पिटल वाराणसी की देखरेख में होगा जो पूरी तरह से अन्तरराष्ट्रीय मानक का पालन करते हैं। इस सम्बंध में जिलाअधिकारी के. विजयेन्द्र पाण्डियन ने कहा के एक महीने के अंदर जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट शुरू करा दें। इसमें कोई हीलाहवाली नहीं चलेगी।

 एक दिन में 30 मरीजों का हो सकेगा डायलिसिस

श्री पाण्डियन ने यह निर्देश विकास भवन सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में समीक्षा के दौरान दिया। इस दौरान सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि 10 बेड के यूनिट के लिए स्थान दे दिया गया है। 10 दिन में इसका सिविल वर्क पूरा हो जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सिविल वर्क समाप्त होते ही शासन को सूचित कर दें। सेवा प्रदाता हेरिटेज हास्पिटल, वाराणसी सिविल वर्क पूरा होते ही इसमें मशीन लगाने का काम करेगी और लगभग 20 दिन में पूरा कर लेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि इसे एक माह में पूरा कराकर डायलिसिस यूनिट शुरू करना है। ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि किडनी खराब होने पर ट्रान्सप्लान्ट कराने के लिए आर्थिक सहायता के लिए प्रतिदिन मरीज एवं उनके परिवारीजन आते है। विशेषज्ञ इसका भी पता करे कि यहां किडनी खराब होने के अधिक मरीज किन वजहों से आ रहे हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि 100 बेड टीबी अस्पताल का निर्माण पूरा कराकर हैन्डओवर करायें। सीएमओ डॉ. एसके तिवारी ने बताया कि नए भवन में ओपीडी शुरू हो गई है लेकिन भवन में अभी कमियां है। कार्यदायी संस्था से इसे शीघ्र पूरा कराए।
दस्तक अभियानकी समीक्षा कर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिस गांव से जेई/एईएस का केस आता है उस गांव के एएनएम/आशा की भूमिका की जाच कराएं।

यदि किसी झोलाछाप डाक्टर की वजह से केस अस्पताल तक आने में देरी होती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करें। समीक्षा में उन्होंने पाया कि पिछले चार महीने में कुल 31 केस एईएस के आए हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि सीएचसी/पीएचसी पर भर्ती मरीजों और तीमारदारों के भोजन के लिए स्थानीय स्तर पर स्वयं सहायता समूह को चिन्हित कराएं। प्रसव के दौरान मृत्यु का आडिट सख्ती से करने का जिलाधिकारी ने निर्देश दिया।

बैठक में बताया कि कुल 233 मृत्यु हुई है जिसमें 201 की आडिट हो गयी है। इसमें 56 हेमरेज, 38 इन्फेक्शन, 46 प्रसव में बिलम्ब तथा 20 हाइपर टेन्शन से हुई है।