हाल- ए -जिला अस्पताल—–30 बेड के वार्ड में सिर्फ एक नर्स तैनात

जिला अस्पताल की व्यवस्था पटरी से उतर गई है। मरीज व तीमारदार हलकान व परेशान है।  

गोरखपुर । जिला अस्पताल इन दिनों नर्सो की कमी से जूझ रहा है जिला अस्पताल की व्यस्थाएँ चरमरा गई है ।टीएनएम के 93 कर्मचारियों को शासन ने दो दिन का जबरन अवकाश दे दिया है। इनमें 50 नर्से शामिल हैं। इसके कारण अस्पताल की व्यवस्था पटरी से उतर गई है। मरीज व तीमारदार हलकान व परेशान है आलम यह है कि 30-30 बेड के वार्ड में सिर्फ एक ही नर्स ड्यूटी कर रही है।

जिला अस्पताल में टीएनएम की 50 नर्सें समेत 93 कर्मचारी तैनात हैं। इन कर्मचारियों के सेवा अनुबंध के एक साल पूरा होने के बाद दो से तीन दिन के लिए सेवा बाधित कर दी जाती है। नर्सों की बुधवार से सेवा बाधित है। इसके कारण असपताल में तीन में से दो ऑपरेशन थिएटर को बंद रखा गया। कैजुअल्टी, इमरजेंसी, मेल आर्थो, फिमेल आर्थो, बर्न, हृदय रोग, बालरोग आईसीयू, बालरोग के दो वार्ड, मेल मेडिकल, फिमेल मेडिकल, जनरल, मेल सर्जिकल, टिटनेस, प्राइवेट और स्पेशल वार्ड में एक-एक नर्सों की ही ड्यूटी लगाई गई।

300 बेड वाले जिला अस्पताल में चिकित्सा-स्वास्थ्य विभाग से सिर्फ 23 नर्से ही तैनात हैं। 21 नर्से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिए तैनात हैं। गुरुवार को सिर्फ 44 नर्सों के भरोसे ही अस्पताल चला। इन्हीं नर्सों को तीन शिफ्ट में मरीजों का इलाज करना पड़ा। नर्सों की मदद के लिए नर्सिंग स्कूल से छात्राओं की ड्यूटी लगाई गई। इसके बावजूद वार्डों में मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो सका। इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीजों व तीमारदारों को हलकान होना पड़ा।

डॉ राजकुमार गुप्ता एसआईसी ने इस सम्बंध में  कहा कि टीएनएम के कर्मचारियों की संविदा 31 जुलाई तक थी। उसके बाद कंपनी पॉलिसी के तहत दो दिन सर्विस ब्रेक कर दिया गया। शुक्रवार से टीएनएम के कर्मचारी दोबारा ड्यूटी पर आ जाएगें। इसके बाद व्यवस्था ठीक हो जाएगी।