हजरत अली इल्म का समंदर हैं, बहादुरी में बेमिसाल

दर्स में बयान हुए हजरत अली के फजायल

गोरखपुर। माह-ए-रमज़ान का तीसरा अशरा चल रहा है। शिद्दत की गर्मी के बावजूद रोजेदारों की इबादतों में कोई कमी नहीं है। मस्जिदों में चल रहे रमज़ान के विशेष दर्स के दौरान बुधवार को मुसलमानों के चौथे खलीफा हजरत अली रजियल्लाहु अन्हु के यौम-ए-शहादत पर खास बयान हुआ।

मस्जिद खादिम हुसैन तिवारीपुर में कारी अफजल बरकाती ने हजरत-ए-मौला अली के फजायल पर कहा कि जिसे कुरआन की तफसीर देखनी हो वह हजरत अली की जिंदगी का अध्ययन करें। हजरत अली इल्म का समंदर है। बहादुरी में बेमिसाल हैं। आपकी इबादत, रियाजत, परहेजगारी और पैगम्बर-ए-इस्लाम से मोहब्बत की मिसाल पेश करना मुश्किल है।

नूरी जामा मस्जिद अहमदनगर चक्शा हुसैन में मौलाना शादाब रज़वी ने कहा कि पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के दामाद व मुसलमानों के चौथे खलीफा हजरत अली रजियल्लाहु अन्हु की शहादत 21 रमजान को हुई। हजरत अली की शान में खूब कहा गया हैं – ” शाहे मरदा शेरे यजदा कुव्वते परवरदिगार, ला फतह इल्ला अली ला सैफा इल्ला जुल्फिकार”। पैगम्बर-ए-इस्लाम का फरमान हैं कि जिसका मैं मौला, अली भी उसके मौला। जिसका मैं आका, अली भी उसके आका। जिसका मैं रहबर, अली भी उसके रहबर। जिसका मैं मददगार, अली भी उसके मददगार।

नार्मल स्थित दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद मस्जिद में मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि पैगम्बर-ए-इस्लाम ने फरमाया कि मैं इल्म का शहर हूं और अली उसके दरवाजा हैं। अब जो इल्म से फायदा उठाना चाहता हैं वह बाबे इल्म (हजरत अली) से दाखिल हो। हजरत अली की शान बयान करने के लिए किसी दलील की जरूरत नहीं हैं। बस इतना ही काफी हैं कि आप खाना-ए-काबा में पैदा हुए। आप दामादे रसूल हैं। दो जन्नती जवानों के सरदार (हजरत इमाम हसन व हजरत इमाम हुसैन) के वालिद हैं। खातूने जन्नत (हजरत फातिमा) के शौहर हैं। बच्चों में सबसे पहले ईमान लाने वाले हैं। हजरत अली का जिक्र करना भी इबादत में शुमार है।मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही ने हजरत अली की शान में कहा कि इल्म का गौहर आपके खानदान से निकला। विलायत की शुरुआत आपके खानदान से हुई। हजरत अली फरमाते हैं कि अल्लाह की कसम मैं कुरआन की आयतों के बारे में सबसे ज्यादा जानने वाला हूं। हजरत अली का बहुत बड़ा मर्तबा हैं। हमें भी हजरत अली के नक्शेकदम पर चलने की पूरी कोशिश करनी चाहिए तभी दुनिया व आखिरत में फायदा होगा।