हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां का तीन दिवसीय उर्स-ए-पाक 11 जुलाई से होगा शुरू

जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी’ व ‘दस्तारबंदी’ कार्यक्रम के साथ होगी।

गोरखपुर । नार्मल स्थित दरगाह पर हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां का सालाना उर्स-ए-पाक 11, 12 व 13 जुलाई को अदब व अकीदत के साथ मनाया जायेगा। यह जानकारी सोमवार को दरगाह कमेटी के अध्यक्ष इकरार अहमद ने दरगाह कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान  दी। उन्होंने बताया कि उर्स-ए-पाक की शुरूआत 11 जुलाई को रात 9:30 बजे बाद ‘जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी’ व ‘दस्तारबंदी’ कार्यक्रम के साथ होगी। जिसमें मुख्य अतिथि फैजाबाद के पीरे तरीकत अल्लामा सैयद अब्दुर्रब उर्फ चांद बाबू, विशिष्ट अतिथि मेंहदावल के मुफ्ती अलाउद्दीन मिस्बाही, कोलकाता के कारी सखावत हुसैन बरकाती व देवरिया के कारी अजहरूल कादरी आवाम को संबोधित करेंगे। नात-ए-पाक  सादिक रजा नेपाली, रौशन वैशालवी, रईस अनवर व एजाज अहमद पेश करेंगे। संचालन मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही करेंगे। ‘जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी’ के बाद मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत फैजान-ए-मुबारक खां शहीद के आठ हिफ्ज के विद्यार्थियों मो. शहाबुद्दीन, मो. आतिफ रजा, मो. मेराज, मो. शाकिब रजा, मो. आमिर रजा, रिजवान आलम, मो. सैफ रजा, नूर आलम की दस्तारबंदी (सनद देने की रस्म) मुख्य अतिथियों द्वारा होगी। भोर में 3:15 बजे मजार शरीफ पर गुस्ल व संदल पोशी की रस्म अदा की जायेगी। उन्होंने बताया कि 12 जुलाई को बाद नमाज फज्र दरगाह पर कुरआन ख्वानी होगी। सुबह 10 बजे कुल शरीफ  होगा। शाम 5:30 बजे सरकारी चादर व गागर का जुलूस मोहल्ला नरसिंहपुर से निकाला जायेगा जो विभिन्न रास्तों से होता हुआ दरगाह पर समाप्त होगा। इसके बाद मजार पर सरकारी चादर चढ़ायीं जायेगी। रात की नमाज के बाद कव्वाली अदनान साबरी, अनीस नवाब व गुलाम हबीब पेंटर पेश करेंगे। उन्होंने बताया कि 13 जुलाई को सुबह 11 बजे आखिरी कुल शरीफ का कार्यक्रम होगा। बाद नमाज जुमा लंगर वितरण होगा। रात 10 बजे से कव्वाली होगी। दरगाह कमेटी ने तमाम अकीदतमंदों से उर्स-ए-पाक के मौके पर अदा की जाने वाली रस्मों में शामिल होने की अपील की है। वहीं इस पुरकैफ माहौल में लोगों का मनोरंजन भी होगा। कमेटी ने इसका पूरा इंतजाम किया है। उर्स के मौके पर मेला सजकर तैयार हो रहा है। मेले में खानपान व मनोरंजन के सामान मौजूद रहेंगे। बच्चों व बड़ों के लिए तमाम तरह के झूले लग रहे है।