ऐसे कैसे टूटेगा चैन , सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रही धज्जियां

एक नहीं दो नहीं दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ो मजदूर एक साथ अन्य राज्यों से आये ये मजदूर जैसे ही स्टेशन के बाहर पहुंचे इन्हें न सोशल डिस्टेंस का आभास रहा और ना ही किसी अन्य चीजों का

गोरखपुर । ऐसे कैसे टूटेगा चैन, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रही धज्जियां, एक नहीं दो नहीं दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ो मजदूर एक साथ अन्य राज्यों से आये ये मजदूर जैसे ही स्टेशन के बाहर पहुंचे इन्हें न सोशल डिस्टेंस का आभास रहा और ना ही किसी अन्य चीजों का एक दूसरे पर गिरते ढिमलाते ये नजर आ रहे थे, इन्हें सिर्फ अपने घर का रास्ता नजर आ रहा था इन बेबस मजदूरों के मजबूरी का जायजा लिया हमारे संस्कार न्यूज टीम ने और सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ती धज्जियो की तस्वीरों को कैमरे में किया कैद।

यह तस्वीर है गोरखपुर के रेलवे स्टेशन परिसर की यहां हर रोज तकरीबन दर्जनों गाड़ियां तीन प्लेटफार्म पर आ रही हैं, और उसमें सवार होकर हजारों मजदूर एक साथ उतर रहे हैं, ट्रेनों में तो सोशल डिस्टेंस नजर आ रहा है, प्लेटफार्म पर भी सोशल डिस्टेंस के जरिए मजदूर बाहर लाये जा रहे है,यानी रेलवे तो अपनी भूमिका निभा रहा लेकिन जैसे ही स्टेशन परिसर से बाहर यह मजदूर आतेहैं।जिला प्रशासन और पुलिस महकमे की मौजूदगी में सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ती नजर आती हैं।

पुलिस वाले एक जगह कुर्सियों पर बैठे कुर्सी तोड़ते और हाथों में लाठी लेकर लाठी के जरिए इशारा करते और माइक से अनाउंस करते लोगों को सिर्फ यह बता रहे हैं कि किस यात्री को किस बस में जाना है, लेकिन बस की संख्या कम होने के नाते मजदूर आपाधापी में एक दूसरे को ढकेलते हुए बसों में चढ़ने को आतुर हैं।

 

तस्वीरें देखकर सब कुछ बयां हो रही हैं और सब कुछ साफ हो रहा है कि गोरखपुर रेलवे स्टेशन परिसर पर किस तरीके से सोशल डिस्टेन्स की धज्जियां उड़ रही है इससे अलग महज दूसरी तरफ एक तस्वीर देखने को मिली जिसे देखकर आप और हम सब हैरत में पड़ जाएंगे।

इन मजदूरों के लिए किए जा रहे हैं, वह सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं, रेलवे स्टेशन पर मजदूरों के लिए जाने के लिए पर्याप्त बसें न होने के कारण एक-एक बसों में धक्का देकर के बसों के अंदर चढ़ते यह मजदूर संख्या से ज्यादा सीट के बावजूद खड़े होकर के सफर करने को मजबूर।

कोई चढ़ा तो चढ़ा, नहीं तो उसे बसों से बाहर ढकेल दिया जा रहा,और दरवाजा बंद हो जा रहा, यह हालात है गोरखपुर के रेलवे स्टेशन के, ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा, कि ऐसे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होगा, तो कैसे इस वैश्विक महामारी का चेन तोड़ने में जिला प्रशासन पुलिस महकमा सरकार कामयाब हो पाएंगे।

इस सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर रेलवे स्टेशन पर मजदूरों का जायजा लिया हमारे संस्कार न्यूज संवाददाता मोइन सिद्दीकी ने।

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