इमामों ने दिया रज़ा-ए-इलाही में जिंदगी गुजारने का पैगाम

ईद अल्लाह का ईनाम है। इबादतों के जरिए अल्लाह को राजी कीजिए।

गोरखपुर। नार्मल स्थित ईदगाह हजरत मुबारक खां शहीद के इमाम व खतीब हजरत मौलाना फैजुल्लाह कादरी ने अपनी तकरीर में कहा कि अल्लाह फरमाता है ऐ मेरे बन्दों ! मांगों! क्या मांगते हो? मेरी इज्जत व जलाल की कसम! आज के रोज इस नमाजे ईद के इज्तिमा में अपनी आखिरत के बारे में जो कुछ सवाल करोगे वो पूरा करुंगा और जो कुछ दुनिया के बारे में मांगोगे उसमें तुम्हारी भलाई की तरफ नजर फरमाऊंगा। मेरी इज्जत की कसम ! जब तक तुम मेरा लिहाज रखोगे मैं भी तुम्हारी खताओं पर पर्दा पोशी फरमाता रहूगा। मेरी इज्जत जलाल की कसम! मैं तुम्हें हद से बढ़ने वाली यानी मुजरिमों के साथ रुसवा न करुंगा। बस अपने घरों की तरफ मगफिरत याफ्ता लौट जाओ। तुम ने मुझे राजी कर दिया और मैं भी तुम से राजी हो गया।
रहमतनगर जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अली अहमद ने कहा कि जिस तरह हमनें रमज़ान गुजारा है उसी तरह पूरी जिंदगी गुजारें ताकि अल्लाह राजी हो जाए।
खादिम हुसैन मस्जिद तिवारीपुर के इमाम मौलाना अफजल बरकाती ने कहा कि ईद अल्लाह का ईनाम है। इबादतों के जरिए अल्लाह को राजी कीजिए। नमाज बा जमात अदा कीजिए।
सब्जपोश जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि ईद भाईचारगी का त्योहार है। इसे सबके साथ मनायें। गरीबों का भी ख्याल रखें, उन्हें अपनी खुशियों में शामिल करें।

इसी तरह मस्जिद शेख झाऊं साहबगंज में कारी नसीमुल्लाह, गौसिया मस्जिद छोटे काजीपुर में मौलाना मोहम्मद अहमद, नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में मौलाना असलम रजवी, मस्जिद सुभानिया तकिया कवलदह में मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी, रसूलपुर जामा मस्जिद में मौलाना शादाब आलम, ईदगाह चिलमापुर में मुफ्ती वलीउल्लाह, अहमदी सुन्नी जामा मस्जिद सौदागर मोहल्ला बसंतपुर में कारी मोहसिन बरकाती, ईदगाह इमामबाड़ा स्टेट में मुफ्ती मतीउर्रहमान ने तकरीर किया, ईद की नमाज पढ़ायीं और खुतबा पढ़ा। इसके अलावा अन्य ईदगाहों व मस्जिदों में ईद के मौके पर उलेमा ने तकरीर कर ईद की नमाज पढ़ायीं और खुतबा पढ़ा।