खाकी हुई बेदाग, बेआबरू करने वाले पहुंचे सलाखों के पीछे

36 घंटे के अंदर पुलिस ने किया (Medicine trader) मेडिसिन कारोबारी बलात्कारी अभियुक्त को किया गिरफ्तार

गोरखपुर। खाकी हुई बेदाग, युवती को बेआबरू करने वाले सलाखों के पीछे, सीएम के शहर पर लगे वर्दी के दाग गलत साबित हुए, और असली आरोपी सलाखों के पीछे पहुच गए, युवती ने जिस तरह से बताया और अपने आबरू को लुटने वाला वर्दी धारी बताया था, उस पर से गोरखपुर पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। 36 घंटे के अंदर पुलिस ने किया (Medicine trader) मेडिसिन कारोबारी बलात्कारी अभियुक्त को गिरफ्तार, जिले के कप्तान डॉ सुनील गुप्ता ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर बताया कि गोरखनाथ थाना क्षेत्र से अगवा कर कैंट थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड पर एक कमरे में बलात्कार करने की सनसनीखेज घटना को अंजाम दिया गया था, और पुलिस विभाग को बदनाम करने की साजिश रची गई थी, जिसे हमारी गोरखपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 36 घंटे के अंदर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।

आपको बतादे कि 13 तारीख को रात में गोरखनाथ थाना क्षेत्र से युवती को स्टेशन रोड होटल में युवती के साथ रेप करने के बाद छोड़ दिया गया था, युवती टेंपू से अपने घर पहुंची थी, अगले दिन मामला प्रकाश में आने के बाद महिला द्वारा लगाए गए आरोप ने पुलिस महकमें में भूचाल ला दिया था,

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जिसके बाद पुलिस के लिए चैलेंज और नाक की शान बने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना मे शामिल अभियुक्तो की गिरफ्तारी हेतु पुलिस की तीन टीम बनाकर लगाया गया था, जिसमें में पुलिस अधीक्षक नगर व पुलिस अधीक्षक अपराध जनपद गोरखपुर के पर्यवेक्षण में व क्राइम में ब्रांच की टीम कर साथ प्रभारी स्वाॅट/सर्विलांस अपराध शाखा को मय टीम के साथ उपरेाक्त घटना में शामिल अभियुक्त गणों की गिरफ्तारी केे लिए लगाया गया।

Medicine trader

पीड़िता द्वारा दिखाया गया घटना स्थल होटल आदर्श पैलेस का कमरा नम्बर 108 का सघन निरीक्षण एवं सूचना संकलन के क्रम मे घटना स्थल पर लगे विभिन्न सीसीटीबी कैमरो को खंगाला गया, जिसमें फुटेज मे पीड़िता के साथ एक संदिग्ध व्यक्ति लिफ्ट से कमरे मे जाते हुए दिखायी दिया।

जिसके आधार पर रूम नं0 108 मे ठहरे हुए व्यक्ति का आईडी व अंकित मोबाईल नम्बर को टीम द्वारा अपने कस्टडी मे लेते हुए विभिन्न श्रोतो द्वारा उपरोक्त घटना मे शामिल दुसरे व्यक्ति के बारे मे पता लगाया ही जा रहा था, तथा फुटेज से प्राप्त फोटो को दिखाकर घटना के ये लिए मुखबिर लगाए गए थे, तभी मुखबिर से सूचना मिला, कि उक्त घटना मे शामिल फोटो वाला संदिग्ध व्यक्ति पल्सर मोटरसाईकिल से हुमाॅयुपुर से हड़हवा फाटक की तरफ तेजी से जा रहा है, अगर जल्दी किया जाये, तो पकड़ा जा सकता है

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इस सूचना पर विश्वास कर पुलिस टीम तत्काल हड़हवाॅ फाटक के पास पहॅुची एवं रास्ते मे ही आने वाले सभी पल्सर वाहनो को चेक करने लगे, तभी एक पल्सर सवार व्यक्ति सामने पुलिस को देखते ही भगाने का प्रयास करने लगा जिसे तुरन्त मौके पर ही पकड़ लिया गया।

पुलिसिया पूछताछ मे अभियुक्त जल्दी ही टूट गया, तथा जुर्म को कबूल करते हुये बताया, कि घटना को मै व मेरे एक साथी ने मिलकर किया था, हम दोनो मेडिसिन लाईन (Medicine trader) मे कार्य करते है, पुलिस ने साक्ष्य के साथ अभियुक्त को घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल के साथ बरामद कर लिया गया हैं दुसरे अभियुक्त की तलाश में टीमें लगी हैं।

पुलिस द्वारा 36 घण्टे के अन्दर एक सनसनी खेज घटना का खुलासा तो कर दिया, लेकिन जहन में कई सवाल खड़े होते है, की आखिर महिला ने पुलिस वालों का नाम क्यो लिया, महिला के बयान में साफ साफ उसके द्वारा कहा जा रहा है, की दो पुलिस वाले वर्दी में थे, लेकिन पुलिस के मुताबिक, वो खाकी कलर का जैकेट पहना था, इसलिए महिला को गलत फैमि हुई होगी, बरहाल पुलिस ने इसमे खुलासा करते हुए ये साफ कर दिया है, कि वर्दी पर जो आरोप लगे थे वो गलत थे ।