कैराना और नूरपुर में भाजपा को अपनी हार पच नहीं रही है – अखिलेश यादव

भाजपा का यही शुतुरमुर्गी रवैया बना रहा तो सन् 2019 में उसका कोई नामलेवा भी नहीं बचेगा

लखनऊ । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने कहा है कि कैराना और नूरपुर में भाजपा को अपनी हार पच नहीं रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को फतवों और सिद्धांतो की याद आ रही है तो केन्द्रीय गृहमंत्री जी को लम्बी छलांग के लिए दो कदम पीछे जाने की मजबूरी ने घेर रखा है। भाजपा का यही शुतुरमुर्गी रवैया बना रहा तो सन् 2019 में उसका कोई नामलेवा भी नहीं बचेगा।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जो सामाजिक सामंजस्य नज़र आया वह अभूतपूर्व था

लोकतांत्रिक व्यवस्था को भंग करने वाले उक्त बयानों से भाजपा के अलोकतांत्रिक राजनीतिक चरित्र पर से पर्दा उठ जाता है। जनादेश का अपमान करना भाजपा ने अपना एजेंडा बना लिया है। भाजपाई पहले तो चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करते रहे और अब विपक्ष में परिणाम आने पर अनर्गल बयानबाजी कर माहौल को बिगाड़ने का काम करने में लग गए हैं। इन उपचुनावों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जो सामाजिक सामंजस्य नज़र आया वह अभूतपूर्व था। सभी एकजुट नज़र आए। भाजपा ने इस सोशल केमिस्ट्री को बिगाड़ने की बहुत साजिशें की किन्तु इससे उनका अर्थमैटिक भी बुरी तरह बिगड़ गया। भाजपा नेतृत्व को अब इस जनभावना का आदर करना सीखना चाहिए। भाजपा को न तो लोकलाज है और नहीं लोकतंत्र और संविधान में विश्वास है।

सत्ता लिल्पसा में भाजपा कुछ भी कर सकती है

भाजपा मुद्दा विहीन राजनीति करके स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों को ठेस पहुंचाती रही है। सत्ता लिल्पसा में भाजपा कुछ भी कर सकती है। समाज को लिल्पसा, सद्भाव बिगाड़ने और जहर बोने की राजनीति के उसके दिन अब बीत चले हैं क्योंकि जनसामान्य अब हर सच्चाई से परिचित हो चुका है। सामाजिक न्याय की शक्तियां एकजुट होकर अब उनके प्रतिरोध में आ गई है।

जनता विकास चाहती है, झूठे वादों से उसे चिढ़ हो रही है

भाजपा को हार का सामना करने की आदत डाल लेनी चाहिए अन्यथा सन् 2019 के परिणामों का भाजपा कैसे सामना कर पाएगी? जनता विकास चाहती है। झूठे वादों से उसे चिढ़ हो रही है। भाजपा ने किसानों, नौजवानों के विश्वास को तोड़ा है। बेरोजगारों के द्वारा रोजगार की मांग पर उनका उत्पीड़न हो रहा है। भाजपा की केन्द्र और राज्य सरकारों ने किसानों के साथ धोखा किया है। महिलाओं-बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो रहे हैं। अपराध नियंत्रण की जगह फर्जी एनकाउण्टर हो रहे हैं। इस सबका क्या जवाब है भाजपा सरकार के पास? समाजवादी सरकार में गरीबों, किसानों, नौजवानों के लिए जो कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई थी उन्हें भाजपा सरकार ने बंद कर दिया। इससे सर्वत्र भारी असंतोष और आक्रोश है। भाजपा इस स्थिति में पलायन नहीं कर सकती है। उसे हर हाल में जनता के प्रति अपनी जवाब देही तय करनी होगी। लोकतंत्र की यही पहली सीढ़ी है।