पैगंबर , कुरआन , सहाबा व अहले बैत की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं

गोरखपुर । तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत की बैठक शुक्रवार को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नार्मल स्थित दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद में हुई। जिसमें देश-विदेश के तमाम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पैगंबर-ए-आज़म हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की शान में गुस्ताखी करने व कार्टून बनाने वालों की कड़ी निंदा की गयी। वहीं स्वीडन व नार्वे में कुरआन-ए-पाक की बेहुरमती, सहाबा-ए-किराम व अहले बैत की शान में गुस्ताखी करने वालों की भी मजम्मत की गयी। इस साल वफात पाने वाले उलेमा-ए-अहले सुन्नत के लिए दुआ-ए-मगफिरत भी हुई।

उलेमा-ए-किराम ने कहा कि अभी हाल में फ्रांस की पत्रिका शार्ली एब्डो ने पैगंबर-ए-आज़म का कार्टून छापकर करोड़ों मुसलमानों का दिल दुखाया है। मुसलमान सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है लेकिन पैगंबर-ए-आज़म की शान में अदना सी भी गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं करेगा। हम भारतीय सरकार के जरिए फ्रांस की सरकार से मांग करते हैं कि गुस्ताखी करने वाली पत्रिका व लोगों पर प्रतिबंध लगाकर कड़ी सजा दी जाए। नार्वे, स्वीडन व अन्य देशों में कुरआन-ए-पाक की बेहुरमती करने वालों को भी सजा देकर लगाम लगायी जाये।

सदारत करते हुए दरगाह मस्जिद के इमाम कारी अफजल बरकाती ने कहा कि पैगंबर-ए-आज़म हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के सभी सहाबा जन्नती हैं उनकी शान में अदना बेअदबी भी हमें कबूल नहीं है। हजरत अबूबक्र, हजरत उमर, हजरत उस्मान, हजरत अली, हजरत मुआविया, हजरत आयशा, हजरत फातिमा, हजरत हसन, हजरत हुसैन आदि हमारे रहनुमा व लीडर हैं। तमाम अहले बैत हमारे सरों का ताज हैं। हम किसी सहाबी व अहले बैत की अदना तौहीन भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। औलिया-ए-किराम की शान में बेअदबी करने वालों को भी हम माफ नहीं करेंगे। यजीद की हिमायत करने वाली जमातों की हम मजम्मत करते हैं साथ ही सहाबा-ए-किराम की शान में गुस्ताखी करने वाली जमातों पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग करते हैं।

उलेमा-ए-किराम ने आगे कहा कि पूरी दुनिया में अहले सुन्नत वल जमात ही एक वाहिद जमात है जो किसी पैगंबर, अल्लाह की किताब, सहाबा, अहले बैत, औलिया की शान में गुस्ताखी नहीं करती। यह जमात हमेशा प्यार मोहब्बत व भाईचारे का पैगाम देती है लेकिन दुनिया की गुस्ताख जमातों को यह पसंद नहीं आता है। गुस्ताखी करने वाले लोग व जमातें मुल्क व दुनिया में अमनों शांति के लिए खतरा हैं, लिहाजा ऐसी गुस्ताख लोग व जमातों पर पूरी दुनिया में प्रतिबंध लगाया जाये। सजा देने का कानून बनाया जाये। सोशल मीडिया के किसी प्लेटफार्म पर बोलने की आजादी का हवाला देकर नफ़रत व हिंसा फैलाने वालों पर कड़ा प्रतिबंध लगाया जाये।

उलेमा-ए-किराम ने कहा कि अरब देशों का इजराइल के साथ समझौता फिलीस्तीन और वहां के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा है। जिसकी मजम्मत पूरी दुनिया के मुसलमान कर रहे हैं। सहाबा-ए-किराम व अन्य मुकद्दस हस्तियों की शान में गुस्ताखी करने वाले अजमेर के मुजावरों, नदवा के सलमान नदवी, तारिक फतेह, तस्लीमा नसरीन, सलमान रुश्दी आदि पर सख्त कार्रवाई किए जाने की जरूरत है। हिन्दुस्तान में मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाये। मुसलमानों पर बढ़ रहे जुल्म को रोकने के लिए सरकार ठोस कदम उठाये।

बैठक में मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी, कारी हकीकुल्लाह, हाफिज जाकिर हुसैन, कारी शाबान बरकाती, हाफिज नूर मोहम्मद, मौलाना अमीरुद्दीन, कारी गुलाम खैरुलवरा, मौलाना मोहम्मद अहमद निज़ामी, मुफ्ती अख्तर हुसैन, मुफ्ती मो. अजहर शम्सी, हाफिज रहमत अली निज़ामी, हाफिज महमूद रज़ा कादरी आदि मौजूद रहे।

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