Tulika Maan : जानते है जूडो में भारत का नाम रोशन करने वाली तूलिका मान की कहानी

Tulika Maan : तूलिका मान जब 7 वर्ष की थी जब उनके पिता का मर्डर हुआ, बचपन से ही उनका जीवन दुःख भरा था। उन्होंने हार नहीं मानी और अपने देश का नाम रोशन किया। तूलिका ने अपने जीवन में अपनी माँ और कोच की पत्नी आरती सोलंकी को अपना आदर्श बनाया।

Tulika Maan : दिल्ली के नजफगढ़ की निवासी जूडो खिलाड़ी तूलिका मान ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 78+ KG में देश का नाम सिल्वर मेडल जीतकर रोशन किया। तूलिका जब 7 वर्ष की थीं तब उनके पिता का मर्डर हुआ। उसके बाद दिल्ली पुलिस में कार्यरत उनकी मां ने उन्हें और उनकी छोटी बहन की परवरिश की। इसके साथ ही उन्होंने बताया, की मेरे पिता की 2005 में हत्या हो गयी थी उसके बाद मां ने हम दोनों बहनों को पढ़ाया लिखाया। साथ ही कहा की मेरी मां ने बहुत संघर्ष किया ऑफिस जाते समय मुझे कोचिंग सेंटर छोड़ती थीं, लौटते समय वहां से लाती थीं। उन्होंने मुझे हमेशा मोटीवेट करती रहती और पिता की नहीं होने दी। हमेशा हम दोनों बहनो की चीज़ो का ध्यान बखूबी जानती।

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तूलिका ने बताया की मेरे कोच की पत्नी मेरी आदर्श

तूलिका ने बताया, की मैं अपने कोच यशपाल सोलंकी की पत्नी आरती सोलंकी से अत्यधिक प्रभावित हूं। उनके दो बच्चे हैं। पिछले वर्ष टोक्यो ओलिंपिक के अंतराल उनका वजन 125 किलो था, लेकिन उन्होंने 6 महीने के भीतर अपना वजन 60 किलो किया। मेरी मां और मैम को देखकर ऐसा लगता था कि मैं भी ऐसा कर सकती हूं और देश का नाम रोशन कर सकती हूं। लॉकडाउन के समय जब ट्रेनिंग नहीं कर रही थी, तब मेरा वजन काफी बहुत बढ़ गया था। मैंने मैम को देखकर अपने अंदर मोटिवेशन जगाया और अपना वजन कम किया और साथ ही खेल में वापसी की।

तूलिका मान (Tulika Maan) ने जूडो चुना

तूलिका ने बताया की वो अकेलेपन से बचने के लिए उन्होंने जूडो से अपने करियर की शुरुआत की। इसके साथ ही वो कहती हैं, मैं छोटी थी और मां ऑफिस जाती थी । ऐसे में मैं घर में अकेले हो गयी और मां बाहर से दरवाजा बंद करके चली जाती थीं। मैं अकेले पड़ जाती थी। और एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे इस गेम से जुड़ने के लिए कहा। मैंने ये बात मां से कहा और वो मान गयी। फिर मैंने टाइम पास करने के लिए जूडो क्लास की । जब मुझे जूडो में सफलता मिली और मेडल मिलने लगे तो मेरी मैम संगीता गुप्ता मुझे मोटिवेट करने लगी। बाद में मेरा मन जूडो में लग गया और मैंने ठान लिया कि मुझे अपना करियर इसी में बनाना है। बाद में मैं यशपाल सर से ट्रेनिंग लेने लगी।

लॉकडाउन के दौरान उन्होंने 3डी एनिमेशन की पढाई की

मेरी छोटी बहन पूजा पढ़ाई में बहुत ज़्यादा तेज हैं। उन्होंने लॉकडाउन में 3डी एनिमेशन का कोर्स किया था। तूलिका ने बताया कि बहन को जूडो में बिलकुल पसंद नहीं है। वे स्वयं भी यही चाहती है कि उनकी बहन इस खेल में नहीं आए।

तूलिका फाइट से पहले ठंडे पानी से नहाती और चॉकलेट खाना पसंद करती

तूलिका ने एक इंटरव्यू में इस बात की जानकारी दी थी की फाइट से पहले उन्हें ठंडे पानी से नहाना और चॉकलेट खाना अत्यधिक पसंद है। वह ठंडे पानी से नहाना इसीलिए पसंद है की उनका दिमाग शांत रहे और अपना फोकस फाइट पर दे सकें। इसके साथ कोको चॉकलेट इसीलिए पसंद है क्योंकि उन्हें एनर्जी मिलती रहे।

वो राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।

जूनियर लेवल पर वो रजत पदक जीत चुकी हैं। तूलिका मान 2019 से अंतरराष्ट्रीय जूडो फेडेरेशन के विश्व टूर में हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने ताइपे में एशियन ओपन में कांस्य पदक अपने नाम किया था। इससे पहले 2018 में उन्होंने जयपुर में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप जीती थी। 2017 में तूलिका मान ने बुडापेस्ट में पहली बार विश्व चैंपियनशिप में भाग लिया था और टोक्यो में दुनिया की शीर्ष जूडो खिलाड़ियों का सामना किया था। 2019 में वॉलशाल में तूलिका मान कॉमनवेल्थ चैंपियन बनी थीं। जीवन कुमार शर्मा की देखरेख में आगे बढ़ने वाली तूलिका मान विश्व कप में एक कांस्य जीत चुकी हैं। जूनियर स्तर पर उन्होंने दो कांस्य अपने नाम किए हैं। जूनियर लेवल पर ही उन्होंने यूरोपियन कप में एक स्वर्ण पदक और नेशनल चैंपियनशिप में एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने सीनियर स्तर पर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक भी जीते हैं।

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