ऑनलाइन कंपनी को 15 करोड़ का चूना लगा चुके जालसाजों को लखनऊ पुलिस ने धर दबोचा

पुलिस ने जालसाजों के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद किया है

लखनऊ। लखनऊ पुलिस ने शुक्रवार को ऐसे शातिर जालसाजों का गिरोह दबोचा है, जो ऑनलाइन कंपनी को पांच साल में 15 करोड़ का चूना लगा चुका है। जालसाज ऑनलाइन महंगे सामान मंगाते है , बीच रास्ते उसकी डिलीवरी ले लेते और बदले में कबाड़ पैक कर कंपनी को लौटा देते। यह सारा खेल एक महीने में होता और इस बीच कंपनी मंगाए गए सामान की पूरी रकम उनके खाते में वापस कर देती।

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चार शातिर पुलिस की गिरफ्त में,सरगना फरार

आपको बता दे जालसाजों का यह गिरोह देशभर में फैला है। हजरतगंज थाने में अमेजन ने मुकदमा दर्ज कराया था, उसी के बाद पुलिस ने चार शातिरों को धर दबोचा। हालांकि सरगना अभी फरार है। पुलिस ने जालसाजों के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद किया है। इसमें ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स सामान हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक ,गिरोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं। जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया है उनमें जालौन कालपी के रावगंज निवासी लखन गुप्ता, देवेंद्र सिंह, आदित्य और रोहित सिंह शामिल हैं। सरगना और जालसाजों से सामान खरीदने वाले कानपुर के कारोबारी की तलाश की जा रही है। खास बात है कि पैकिंग का सामान भी ये अमेजन से ही मंगाते थे।

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गिरोह का मास्टर माइंड और सरगना कालपी का रहने वाला है

साइबर सेल के नोडल अधिकारी और क्षेत्राधिकारी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक, गिरोह पिछले पांच साल से सक्रिय है। गिरोह का मास्टर माइंड और सरगना कालपी का रहने वाला है। वह काफी दिनों तक दिल्ली में रहा था और वहीं से उसने जालसाजी शुरू की।

गिरोह के सदस्यों के निशाने पर अमेजन कंपनी के 5000 रुपये से डेढ़ लाख रुपये तक के सामान होते थे

इसके बाद कालपी पहुंचकर एक गिरोह तैयार किया। काला कारोबार चलाने के लिए फर्जी नाम और पते पर सिमकार्ड खरीदा। जिससे इंटरनेट और कॉलिंग की सुविधा लेते थे। यहीं नहीं फर्जी नाम और पते पर ही बैंक के खाते खुलवा रखे थे। इसी फर्जी नाम और पते वाले खातों से ही ऑनलाइन शॉपिंग कर भुगतान करते थे।

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गिरोह के सदस्यों के निशाने पर अमेजन कंपनी के 5000 रुपये से डेढ़ लाख रुपये तक के सामान होते थे। इसमें ब्रांडेड कंपनी का पंखा, माइक्रोवेव, डीएसएलआर कैमरा और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण शामिल हैं।
डिलीवरी के लिए भी फर्जी नाम और पते का प्रयोग करते थे।

हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक,गिरोह डिलीवरी मैन को ठिकाने तक पहुंचने ही नहीं देते थे और रास्ते में सामान लेते थे। पुलिस ने गिरोह की इसी कमजोरी का फायदा उठाया। लखनऊ में एक सामान की डिलीवरी लेने को योजना बनाई। गिरोह का सदस्य लखन गुप्ता चारबाग रेलवे स्टेशन के पास सामान लेने पहुंचा। इसी से पुलिस ने उसे और साथियों को दबोच लिया।

आरोपी आदित्य के मुताबिक, वह कंपनी से खरीदे गये सामान को कानपुर केमनीराम बगिया इलेक्ट्रानिक्स मार्केट में बेचते थे। उनकी दुकान भी तय थी। वह बाजार केपवन आनंद नाम केकारोबारी से सामान बेचते थे। पुलिस कारोबारी के बारे में जानकारी जुटा रही है। ताकि उसकी गिरफ्तारी की जा सके।

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पुलिस के मुताबिक, जालसाजों के पास से सात मोबाइल, दो लैपटॉप, एक एयरटेल का वाईफाई डिवाइस, ब्रांडेड पैडेस्टल फैन, माइक्रोओवन, सीलिंग फैन, अमेजन कंपनी की पॉलीपैक, टेप, नौ पैकेट एलईडी बल्ब, पॉली केब वायर और अन्य सामान बरामद किया है। इनकी कीमत करीब 15 लाख रुपये है।

जालसाजों को दबोचने में साइबर क्राइम ब्रांच के प्रभारी निरीक्षक नंदलाल, उपनिरीक्षक राहुल राठौर, अखिलेश कुमार, शरीफ खान, फिरोज बदर, हरिकिशोर, अर्चित, संतोष और मनवीर ने महत्वपूर्ण भूमिका

 

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