उपद्रवियों की शिनाख्त के लिए लखनऊ पुलिस ने लगवाए पोस्टर

SR दारापुरी

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और प्रदर्शन के दौरान खींची गई फोटो के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित किया है

उपद्रवियों की शिनाख्त के लिए पुलिस ने राजधानी लखनऊ के चौक, हजरतगंज और ठाकुरगंज इलाके में कई जगह पोस्टर लगवाए हैं। पुलिस का दावा है कि पोस्टर में दिख रहे लोग 19 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के दौरान हुई हिंसा में शामिल थे। पोस्टर में लोगों से इन उपद्रवियों की शिनाख्त की अपील के साथ सूचना देने के लिए पुलिस अफसरों के मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं।

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लखनऊ पुलिस

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और प्रदर्शन के दौरान खींची गई फोटो के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित किया है। सीओ चौक दुर्गा प्रसाद ने बताया कि घंटाघर, सतखंडा और हुसैनाबाद में उपद्रव, तोड़फोड़, आगजनी और पथराव करने वालों के पोस्टर सतखंडा, हुसैनाबाद, रूमीगेट, चौक और ठाकुरगंज इलाके में कई जगह लगाए गए हैं। वहीं, परिवर्तन चौक पर हुई हिंसा के मामले में भी पुलिस ने परिवर्तन चौक, जीपीओ, हलवासिया मार्केट और लालबाग इलाके में पोस्टर चस्पा करवाए हैं। एएसपी पूर्वी सुरेश चंद रावत ने दावा किया कि उपद्रवियों की पहचान करने वाला का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

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लखनऊ पुलिस

परिवर्तन चौक पर 19 दिसंबर को हुए उपद्रव के मामले में 42 और लोगों को रिकवरी नोटिस जारी किया गया है। एडीएम (पूर्वी) वैभव मिश्रा ने बताया कि नोटिस में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के स्टेट हेड वसीम अहमद, डिविजन प्रेसिडेंट असफाक, कोषाध्यक्ष नदीम, रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शोएब, शिया पीजी कॉलेज के निलम्बित प्रोफेसर रॉबिन वर्मा और बीबीएयू के प्रफेसर डॉ. पवन राव अम्बेडकर समेत अन्य के नाम हैं। इन पर 2.54 करोड़ की संपत्ति के नुकसान का आरोप है। सभी को नोटिस देकर पक्ष रखने को कहा गया है।