महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे बोले, NPR किसी को भी देश से बाहर नहीं करेगा

उद्धव ठाकरे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के बाद उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा, NRC,CAA से डरने की जरूरत नहीं है

राकांपा सुप्रीमो शरद पवार के अयोध्‍या में राम मंदिर की तरह ही मस्जिद निर्माण के लिए ट्रस्‍ट के गठन की वकालत से उपजी सियासी तपिश के बीच महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे (Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackeray) ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्‍होंने संवाददाताओं के बीच कहा कि नेशनल पॉपुलेशन रजिस्‍टर (National Population Register, NPR) और संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act 2019) से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। एनपीआर किसी को भी देश से बाहर नहीं करेगा।

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समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात में कई ज्‍वलंत मसलों पर बातचीत हुई। हमने संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act 2019) यानी CAA, NRP और NRC के मसले पर बातचीत की। मैं पहले ही इन मसलों पर अपना रुख साफ कर चुका हूं। किसी को भी संशोधित नागरिकता कानून और NRP से डरने की जरूरत नहीं है। गौर करने वाली बात यह है कि उद्धव ने जिस CAA, NRP और NRC के मसले पर अपना रुख दोहराया, राज्‍य की गठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस और राकांपा उसका विरोध कर रहे हैं।

 उद्धव ठाकरे

बताया जाता है कि उद्धव कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी और भाजपा के वरिष्‍ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी से भी मिलेंगे। यही नहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी उनके मिलने का कार्यक्रम है। ये मुलाकातें ऐसे वक्‍त में हो रही हैं जब महा विकास अघाड़ी की सरकार में एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। हालांकि, शिवसेना की ओर से इन मुलाकातों को महज शिष्‍टाचार भेंट बताया जा रहा है।

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पिछले साल शिवसेना ने अपनी वर्षों पुरानी सहयोगी भाजपा का साथ छोड़कर विपरीत विचारधारा वाली कांग्रेस और राकांपा के समर्थन से महाराष्‍ट्र में सरकार बनाया था। इस साल की शुरुआत से ही राज्‍य की गठबंधन सरकार में नेताओं के अलग अलग स्‍वर उभर रहे हैं। इससे कयास लगाए जाने लगे हैं कि महाअघाड़ी की सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। हाल ही में राकांपा प्रमुख ने अयोध्‍या में मस्जिद निर्माण के लिए भी ट्रस्‍ट के गठन की वकालत करके अटकलों को और हवा देने का काम किया है।

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दरअसल, शरद पवार ने बीते दिनों लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि सरकार को अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए धन उपलब्ध कराना चाहिए। यदि सरकार मंदिर के लिए एक ट्रस्ट बना सकती है, तो वह एक और ट्रस्ट बनाकर मस्जिद के लिए फंड क्यों नहीं मुहैया करा सकती है। गौरतलब है कि उद्धव सात मार्च को अयोध्या जाने वाले हैं जहां वह रामलला की पूजा के साथ साथ सरयू तट पर आरती भी करेंगे। इस बीच पवार के बयान ने सियासी सरगर्मी को और हवा देने का काम किया है।

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महाराष्‍ट्र में गठबंधन सरकार के बीच ताजा टकराव CAA, NRC और NPR के मसले पर भी है। एक ओर राकांपा और कांग्रेस CAA, NRC और NPR का विरोध कर रही हैं वहीं दूसरी ओर उद्धव सरकार ने महाराष्‍ट्र में NPR के तहत जनगणना को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। यही नहीं उद्धव ने CAA, NRC और NPR में अंतर बताकर टकराव को और बढ़ा दिया है। राकांपा सुप्रीमो शरद पवार उद्धव के बयान को उनकी निजी राय बताते हुए यह साफ कर दिया है कि एनसीपी CAA, NRC और NPR के खिलाफ है।

महाराष्‍ट्र की गठबंधन सरकार के बीच की तकरार की एक वजह एल्गार परिषद और भीमा-कोरेगांव की हिंसा की जांच एनआइए को सौंपे जाने को लेकर भी सामने आई है। उद्धव ने एल्गार परिषद की जांच एनआईए को सौंपे जाने पर मुहर लगा दी है और सामान्‍य अपराध और देशद्रोह के बीच फर्क बताया है। वहीं दूसरी ओर शरद पवार मामले की जांच एसआईटी से भी कराए जाने पर अड़े हैं। ऐसे में देखा जाना बाकी है कि महाराष्‍ट्र की सियासत किस करवट बैठती है।