Mainpuri Update : मैनपुरी में 4 हजार वर्ष पुराने हथियार खेत की खुदाई में मिले जिसे ASI की टीम ने अपने कब्जे में किया

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Mainpuri Update : राजधानी दिल्ली से 240 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के गांव के पास स्थित गणेशपुर में जहा किसानो को खेत में टीले की खुदाई करते समय 4 हजार वर्ष पुराने हथियार पाए गए।

Mainpuri Update : आप जिस स्थान में रहते हैं, वहां चार से पांच हजार साल पहले कौन था, अगर इसका पता लग जाए तो अपने पूर्वज और उनकी संस्कृति के बारे में हमे सब मालूम हो जायेगा। दिल्ली से महज 240 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के गांव के पास स्थित गणेशपुर गांव है जहा किसानो को खेत में टीले की खुदाई करते वक़्त 4 हजार वर्ष पुराने हथियार पाए गए।जिसे आगरा और दिल्ली पुरातत्व विभाग की टीम यानी ASI ने तत्काल सूचना पाकर अपने कब्जे में लिया। इन हथियारों में तीर कमान, कटारी, छुरी पायी गयी साथ ही साथ इन हथियारों को ताम्र पाषाण युग के होने का अनुमान लगाया जा रहा । जांच में प्राप्त सबूत से आर्कियोलॉजिस्ट काफी चकित हैं। 9 जून को खेत के समतलीकरण में हथियार पाए गए थे जिसे किसान अपने साथ लेकर चले गए थे।

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ये हथियार ग्राम गणेशपुर में मिले । यहां के रहने वाले बहादुर सिंह उर्फ फौजी का खेत टीले पर स्थित है। वह टीले की खुदाई करवाकर उसको बराबर कर रहे थे। 9 जून को रात में मजदूर जेसीबी की मदद से टीले को बराबर कर रहे थे। तभी खुदाई करते समय एक बक्सा मिला। इसमें प्राचीन काल के तीर कमान,कटारी, छुरी पाए गए।

हथियार को किसान अपने साथ ले गए

हथियार देखकर रात में काम कर रहे मजदूर और किसान आपस में भिड़ंत हो गयी।और कुछ हथियारों को वही छोड़ दिया।16 जून को एसडीएम कुरावली ने अपने कब्जे में लेकर पुरातत्व विभाग को दिया । बाद में बचे हुए हथियारों को पुरातत्व विभाग को सौपा। पुरातत्व विभाग की टीम और पुलिस ने खेत को चिन्हित कर खुदाई पर रोक लगा दी।

अनुमान लगाया जा रहा ये हथियार ताम्र पाषाण युग का

अधीक्षण पुरातत्वविद रामकुमार ने बताया कि ये हथियार ताम्र पाषाण युग का हैं। तांबे के करीबन 80 हथियार प्राप्त हुए जो 4000 वर्ष पुराने लग रहे। जांच के लिए पुरातत्व विभाग के अलावा महानिदेशक दिल्ली अजय कुमार यादव के नेतृत्व में एक टीम कुरावली गांव गणेशपुर पहुंची ।टीम ने खेत पर करीब दो घंटे तक जांच की । विशेषज्ञों का कहना है कि ये ताम्र पाषाण काल (कॉपर एज) के हो सकते हैं। कांसा प्राचीन काल में सबसे अधिक प्रयोग में लाया जाता था। देखा जाये तो हथियार विशेष रूप से तांबे के होते थे। जिसमे कांसे का उपयोग नहीं किया जाता था।

सबूत और तथ्य क्या कहते है

सबसे बड़ी बात भारत के इतिहास को साक्ष्यों से अधिक काल्पनिक दृष्टि से सोचता है। पूरी दुनिया के इतिहासकार भारत की विरासत और सभ्यताओं को संदेह की दृष्टि से सोचते हैं लेकिन सबूत और तथ्य यही कहते हैं कि भारत एक ऐसा देश है, जहा कई सभ्यताए पायी गयी।

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