पॉलीथिन बैन – नगर आयुक्त की दलीलों पर भड़के व्यापारी, कहा बड़ी कम्पनियों के उत्पाद पालीथिन में उस पर रोक क्यों नही

महापौर ने सुप्रीम कोर्ट और प्रदेश सरकार के आदेश का हवाला देते हुए पॉलीथिन को पर्यावरण के लिए खतरनाक बताया

गोरखपुर। पॉलीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर महापौर से लेकर नगर आयुक्त ने शहर के प्रमुख व्यापारिक संगठनों के लोगों के साथ करीब 4 घंटे तक मीटिंग किया। सिविल लाइंस के एक मैरेज हाल में देर शाम आयोजित बैठक में महापौर ने सुप्रीम कोर्ट और प्रदेश सरकार के आदेश का हवाला देते हुए पॉलीथिन को पर्यावरण के लिए खतरनाक बताया। इस दौरान पॉलीथिन को लेकर नगर आयुक्त के दलीलों को लेकर व्यापारियों ने कड़ा एतराज जताया।

महापौर सीताराम जायसवाल की अध्यक्षता गोरखपुर क्लब में बैठक मैरेज हाउस एसोसिएशन व गोरखपुर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी व व्यापारी के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह ने अध्यादेश की पूर्ण जानकारी देते हुए इसके पालन को सुनिश्चित कराने के कानून का भी विस्तृत रूप से चर्चा की। नगर आयुक्त ने कहा कि पॉलीथिन से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि नालियां भी चोक हो रही हैं। इसी बीच एक व्यापारी ने खड़े होकर एतराज जताया।

व्यापारी पवन टेकड़ीवाल की दलील थी कि नगर निगम के पास सीवर लाइन नहीं है। इसके साथ ही मानकों के विपरीत नालों का निर्माण हो रहा है। पॉलीथिन के चोक होने के पीछे सिर्फ पॉलीथिन वजह नहीं है। पॉलीथिन ही वजह होती तो पूरे प्रदेश में गोरखपुर सरीखी जलभराव होनी चाहिए। इसके बाद माहौल को संभालते हुए महापौर ने कहा कि सभी के सहयोग से शहर को साफ रखा जा सकता है। इन्दौर में लोग कार में डस्टबिन ले कर चलते है ताकि कार की गंदगी उसी में डाल दिया जाए।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय मंत्री सत्य प्रकाश सिंह मुंन्ना ने कहा कि पॉलीथिन को लेकर किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। इस मौके पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय संगठन मंत्री बैजनाथ जायसवाल, गोरखपुर उद्योग व्यापार मंडल के संगठन मंत्री नरेश बजाज, ठेकेदार संघ अध्यक्ष राजकुमार सिंह, युवा अध्यक्ष मनीष सक्सेना, महेश अग्रवाल, मदन अग्रहरी, अनूप किशोर अग्रवाल, उमेश मद्धेशिया, रमेश जायसवाल, गोपाल जायसवाल,एसए रहमान, अतुल श्रीवास्तव आदि लोग उपस्थित थे।

समाजवादी व्यापार सभा के पूर्व प्रदेश सचिव नवल किशोर नाथानी ने कहा है कि बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के प्रोडेक्ट में पॉलीथिन का प्रयोग हो रहा है, उस पर भी रोक लगना चाहिए। रोज दूध के पैकेट में पॉलीथिन का प्रयोग होता है। छोटे व्यापारी तो सरकार की मंशा के अनुरूप काम कर रहे हैं लेकिन बड़े घरानों पर अंकुश का साहस भी सरकार को दिखाना चाहिए।