मनमानी फीस वसूलने पर सरकार ने कसा श‍िकंजा, विरोध में कल बंद रहेंगे प्राइवेट स्‍कूल

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने मनमानी फीस वसूलने को लेकर प्राइवेट स्‍कूलों पर श‍िकंजा कसना शुरू किया, तो स्कूल वालों ने नाराजगी जतानी शुरू कर दी। सरकार की इस दखल के खिलाफ 7 अप्रैल को शहर के 65 निजी और मिशनरी स्कूलों को बंद रखने का एलान किया गया है। अनऐडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने गुरुवार को यह एलान राइट टु एजुकेशन के गलत कार्यशैली और स्कूलकर्मियों की लचर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किया।

वहीं दिल्ली के रामलीला मैदान में भी कई स्कूली संगठन इसके खिलाफ प्रदर्शन के लिए तैयार हैं। साथ ही एसोसिएशन का यह भी कहना है कि लखनऊ की स्कूल बंदी का फीस कंट्रोल ऑर्डिनेंस (अध्यादेश) से लेना-देना नहीं है। यह देशस्तरीय आंदोलन है और इसमें दूसरे राज्यों के स्कूल संगठन भी शामिल हैं।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल का कहना है कि स्कूल से जुड़ी किसी भी घटना में स्कूल को ही आरोपित बनाया जाता है। स्कूल मैनेजर और टीचर्स भी आम इंसान ही हैं, जिनके पास भी कुछ अधिकार होते हैं। सरकार को उनकी सुरक्षा के लिए भी गाइडलाइंस बनानी चाहिए।

वहीं संगठन के सच‍िव लोकेश सिंह का कहना है कि प्राइवेट स्कूल सरकार के खिलाफ नहीं हैं, बस उन्हें स्वायत्तता चाहिए। कोषाध्यक्ष सर्वेश कुमार गोयल ने कहा कि कोई भी घटना होने पर दबाव में स्कूल पर रिपोर्ट दर्ज करवा दी जाती है। बाद में उस पर आरोप भले ही साबित हो य नहीं। इससे स्कूलों में डर की स्थिति बनी रहती है।