अनूठी मिसाल: अयोध्या श्री सीताराम मंदिर में हुआ रोज़ा इफ्तार पार्टी का आयोजन

सीताराम मंदिर

रमजान के पाक महीने में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम करते हुए श्री सीताराम मंदिर के महंत युगल किशोर ने इफ्तार पार्टी का कराया आयोजन

अयोध्या। श्री सीताराम मंदिर अयोध्या में सोमवार की शाम हिंदू मुस्लिम एकता व गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली। रमजान के महीने में यहाँ मंदिर परिसर में रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। जिसकी मिसाल न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए बल्कि देशभर में दी जा रही है।

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रमजान के पाक महीने में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम करते हुए, धार्मिक भावनाओं से परे सोमवार को अयोध्या के श्री सीताराम मंदिर के परिसर में इफ्तार के लिए सभी एक साथ आए और साधु संतों के साथ रोजेदारों ने अपना दिन भर का रोजा खोला।

इफ्तार पार्टी के बाद मंदिर के पास बने अहाते में अदा की गई नमाज

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यह इफ्तार पार्टी महंत युगल किशोर दास द्वारा आयोजित की गई थी। सोमवार की शाम मंदिर परिसर में आयोजित इफ्तार पार्टी में मुस्लिम समुदाय के लोगों के अलावा वहां रहने वाले साधु-संत और सिख समाज के लोगों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान रोजेदारों ने अमन चैन की दुआ कर रोजा खोला। इफ्तार के बाद मंदिर के पास बने एक अहाते में मगरिब की नमाज अदा की गई। नमाज की इमामत जलाल सिद्दीकी द्वारा की गई।

तीसरी बार मंदिर में हुआ रोज़ा  इफ्तार पार्टी का आयोजन

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए मंदिर के पुजारी युगल किशोर ने कहा, यह तीसरी बार है जब हम लोग इफ्तार पार्टी का आयोजन कर रहे हैं। मैं भविष्य में भी रमजान के दौरान ऐसे लगातार इफ्तार करता रहूंगा। हमें हर त्यौहार इसी उत्साह के साथ मनाना चाहिए। इफ्तार पार्टी में शामिल होने वाले मुजम्मिल फिजा ने कहा कि इसी तरह की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, वह हर साल अपने हिंदू भाइयों के साथ नवरात्रि भी मनाते हैं। वीडियो देखने के लिए यहाँ Click करे

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मुजम्मिल फिजा ने कहा, “एजेंडा वाले लोग नहीं चाहते हैं कि सभी समुदाय एक साथ आए और इस तरह का आयोजन करें। देश में जो लोग धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं, किशोर जैसे लोग प्रेम का संदेश देते हैं।” रमजान का पाक महीना 5 मई से शुरू हुआ है, जो कि 4 जून तक चलेगा. 30 दिनों के रोज़ों के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जायेगा।

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बता दें, पूरे महीने रोज़े के बाद जो ईद होती है जिसे ईद-उल-फितर कहते हैं. इसे मीठी ईद भी कहा जाता है। रोज़ादार ईद के दिन नमाज से पहले गरीबों में फितरा बांटा जाता है।