भगवा वस्त्र हांथो में पिस्टल, योगी की छवि देख लोग रह गए दंग

फ़िल्म जिला गोरखपुर का पोस्टर जारी, विवाद होना तय

गोरखपुर। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वजह से गोरखपुर सुर्खियों में हैं। फाॅयर ब्रांड नेता व हिंदुत्व के मुद्दे पर राजनीतिक करियर को शुरू करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राजनीति के इर्दगिर्द थीम पर बन रही फिल्म जिला गोरखपुर का फस्र्ट लुक जारी होने के बाद भगवा वस्त्र पहने व हांथो में पिस्टल लिए हुए जिस सख्श को दिखाया जा रहा है उसकी छवि हूबहू योगी की उभर कर सामने आ रही है अब इस पोस्टर के जारी होने के बाद यह तोे तय है कि फिल्म का विवादों से नाता जुड़ने वाला है।

पोस्टर में योगी आदित्यनाथ से मिलते जुलते जिस शख्स को दिखाया गया है उसे एक तरह से शहर पर राज करते दिखाया गया है, भगवा कपड़े पहने व्यक्ति के हाथों में पिस्टल व पास गाय भी खड़ी है। योगी आदित्यनाथ की एेसी छवि को दिखाने पर उनके लाखों समर्थकों को आपत्ति भी हो सकी है।

पोस्टर में एक भगवाधारी हाथ में पिस्टल लिए पूरे शहर को उंचाई से देख रहा है और सूरज से आंख मिलाए हुए है। 

नाॅस्ट्रम इंटरनेशनल के बैनर तले बन रही इस फिल्म जिला गोरखपुर को विनोद तिवारी प्रोड्यूस कर रहे हैं। हालांकि, फिल्म बनाने वालों ने इसका खुलासा नहीं किया है कि फिल्म की थीम क्या होगी लेकिन यह माना जा रहा है कि यह यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की बायोपिक हो सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि गोरखपुर में वर्चस्व की लड़ाई, राजनैतिक दांवपेंच सहित अन्य कुछ घटनाओं का इसमें जिक्र हो सकता है। पोस्टर में एक भगवाधारी हाथ में पिस्टल लिए पूरे शहर को उंचाई से देख रहा है और सूरज से आंख मिलाए हुए है।

भगवा कपड़े पहने व्यक्ति के हाथों में पिस्टल व पास गाय भी खड़ी है। योगी आदित्यनाथ की एेसी छवि को दिखाने पर उनके लाखों समर्थकों को आपत्ति भी हो सकती है। 

गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के रहने वाले योगी आदित्यनाथ का राजनैतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। उत्तराखंड से आकर वह गोरखनाथ मंदिर के तत्कालीन महंत अवेद्यनाथ के सानिध्य में आते हैं। यहां भी उनके उत्तराधिकारी बनने में वर्चस्व की जंग होती है। लेकिन वह मंदिर के उत्तराधिकारी बन जाते हैं। महज 26 साल की उम्र में संसद सदस्य बनते हैं। बेहद उम्दा स्पीच देने वाले योगी आदित्यनाथ की प्रसिद्धि और बढ़ी जब उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी नाम के संगठन का गठन किया।

भाजपा के पैरलल चलने वाले इस संगठन को अपनी ताकत बनाते हैं और फिर उनकी शानदार राजनैतिक यात्रा शुरू होती है। पांच बार के अजेय सांसद रहते हुए वह बीजेपी के स्आर प्रचारक बनते हैं और 2017 में बीजेपी की यूपी में प्रचंड बहुमत के बाद मुख्यमंत्री पद पर आसीन होते हैं।
बहरहाल, पहले पोस्टर से केवल अनुमान लगाया जा सकता है। लेकिन पोस्टर के लुक को देखकर यह कहना गलत न होेगा कि फिल्म का विवादों से जल्द नाता जुड़ने वाला है।