सोनभद्र: सोने की खदान के पास मिला दुनिया के सबसे जहरीले सांपों का बसेरा

सोनभद्र

सोनभद्र में है रसेल वाइपर,खून जमा देता है रसेल वाइपर

सोनभद्र में मिले सोने की खदान के पास दुनिया के सबसे जहरीले सांपों का बसेरा है। विंध्य पर्वत शृंखलाओं के बीच स्थित सोनभद्र की पहाड़ियों में विश्व के सबसे जहरीले सांपों की प्रजातियों में से तीन प्रजाति रसेल वाइपर, कोबरा व करैत का डेरा है। वैज्ञानिकों के अनुसार सोनभद्र के सोन पहाड़ी क्षेत्र में पाए जाने वाली सांप की तीनों प्रजातियां इतने जहरीले हैं कि किसी को काट ले तो उसे बचाना संभव नहीं है। सोनभद्र जिले के जुगल थाना क्षेत्र के सोन पहाड़ी के साथी दक्षिणांचल के दुद्धी तहसील के महोली विंढमगंज चोपन ब्लाक के कोन क्षेत्र में काफी संख्या में सांप मौजद हैं।

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विश्व के सबसे जहरीले सांपों में जाने जाने वाले रसेल वाइपर की प्रजाति उत्तर प्रदेश के एकमात्र सोनभद्र जिले में ही पाई जाती है। पिछले दिनों सोनभद्र के पकरी गांव में हवाई पट्टी पर रसेल वाइपर को देखा गया था। रसेल वाइपर जिले के बभनी म्योरपुर व राबर्ट्सगंज में देखा गया है। इसके अलावा दक्षिणांचल में भी यह नजर आया था।सोनभद्र के चोपन ब्लाक के सोन पहाड़ी में सोने के भंडार मिलने के बाद इसकी जियो टैगिंग कराकर ई टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू की तैयारी है। ऐसे में विश्व के सबसे जहरीले सांपों की प्रजातियों के बसेरे पर संकट मंडराना तय है।सोनभद्र

सांपों पर अध्ययन कर चुके विज्ञान डॉक्टर अरविंद मिश्रा ने बताया कि रसेल वाइपर विश्व के सबसे जहरीले सांपों में से एक है। इसका जहर हीमोटॉक्सिन होता है, जो खून को जमा देता है। काटने के दौरान यदि यह अपना पूरा जहर शरीर में डाल देता है तो मनुष्य की घंटे भर से भी कम समय में मौत हो सकती है। यही नहीं यदि जहर कम जाता है तो काटे स्थान पर घाव हो जाता है, जो खतरनाक साबित होता है।

स्नायु तंत्र प्रभावित करता है कोबरा

कोबरा और करैत के जहर न्यूरोटॉक्सिन होते हैं, स्नायु तंत्र को शून्य कर देते हैं और मनुष्य की मौत हो जाती है। कोबरा के काटे स्थान पर सूजन हो जाती है और करैत का दंश देखने से पता नहीं चलता है।सोनभद्र

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विश्व के सबसे जहरीले सांपों की कई प्रजातियां आस्ट्रेलिया के जंगलों में भी पाई जाती हैं। वन्य जीव प्रतिपालक संजीव कुमार के मुताबिक दुर्लभ प्राजति के सांपों के अस्तित्व को देखते हुए आस्टे्रलियां में भी कोयले की खदान खनन प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। माना गया कि यदि खनन पर रोक नहीं लगाई तो यहां मौजूद दुर्लभ प्रजति के सापों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। वन्य जीव विहार क्षेत्र में खनन की अनुमति देने का निर्णय केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय लेता है।

सोनभद्र के चोपन ब्लाक के सोन पहाड़ी और हरदी में सोने के भंडार की ई टेंडरिंग को लेकर रिपोर्ट केन्द्र को भेजी जाएगी। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ही इस पर निर्णय लेगा