ठेकेदार ने कबाड़ समझ कर कटवाया नया बिजली का खम्भा

ठेकेदारों के मारपीट में आधा दर्जन घायल, अधिकारियों ने कराया थाने में समझौता

गोरखपुर। कूड़ाघाट में निर्माणाधीन एम्स परिसर में पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने कबाड़ समझ कर नया बिजली खम्भा कटवा दिया। बिजली निगम के ठेकेदार ने एतराज जताया तो विवाद खड़ा हो गया। मामला मारपीट तक पहुंच गया। दोनों के आधा दर्जन समर्थक घायल हो गए। मामला कैण्ट थाने में पहुंचा तो दोनों विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने थाने में पहुंच कर ठेकेदारों के बीच समझौता करा मामला दबा दिया।

एम्स परिसर में बिजली निगम और पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार अलग-अलग काम करा रहे है। बिजली निगम के ठेकेदार उपकेन्द्र का निर्माण करा रहे है। उसके लिए 33 केवी लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है। पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार द्वारा परिसर में स्थित पुराने भवन का ध्वस्तीकरण कराया जा रहा है।

सूत्रो के मुताबिक पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने बिजली ठेकेदार के चार नए बिजली के खम्भें भी कबाड के नाम पर कटवा कर कबाड़ में रखवा दिया। वहां काम कर रहे श्रमिकों ने ठेकेदार को फोन कर सूचना दी। साथ में खम्भें काटने का वीडियों और फोटो भी भेजा। बिजली निगम के ठेकेदार ने मौके पर पहुंच कर विरोध जताया तो पीडब्ल्यूडी ठेकेदार उनसे उलझ गए। देखते-देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। दोनों ठेकेदारों के श्रमिक भी विवाद में शामिल हो गए। इस दौरान आधा दर्जन समर्थक घायल हो गए। परिसर में अफरा-तफरी मच गई। दोनों विभाग के अधिकारियों तक मामला पहुंच गया।

इसके बाद बिजली निगम के ठेकेदार ने कैण्ट थाने में कर तहरीर दी। केस दर्ज होने से पहले पीडब्लयूडी के अधिकारी और बिजली निगम के अधिकारी भी कैण्ट थाने में पहुंच गए। अफसरों ने दोनों ठेकेदारों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। ताकि बात डीएम तक न पहुंचे। बिजली निगम के ठेकेदार ने बताया कि पीडब्लयूडी के ठेकेदार ने बिजली खम्भा कटवा दिया। मना करने पर वह बोलने लगे कि परिसर में जो कुछ वर्तमान समय में है वह स्क्रैप है।

जबकि परिसर में लगा बिजली खम्भा निगम की सम्पति है। वह निगम के स्टोर में वापस जमा होगा, लेकिन ठेकेदार इस बात को मानने को तैयार नहीं थे। कैण्ट थाने में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने ठेकेदार को समझाया कि भवन घ्वस्तीकरण में निकलने वाले ईट, सरिया और दूसरे उपकरण ही कबाड़ में ले सकते है। बिजली खम्भे और तार नहीं।