रचना की भी इलाज के दौरान मौत, पुलिस से कहा पापा ने भी खाया था जहर

एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत का कारण कहीं सूदखोर तो नही ?

गोरखपुर । राजघाट इलाके मे बीते रोज़ हुई एक परिवार के मुखिया समेत पांच लोगों की मौत से पूरा शहर गमगीन है। क्योंकि अब रचना 20 वर्ष पुत्री रमेश गुप्ता ने भी मेडिकल कॉलेज मे इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक परिवार के पांच लोगों की मौत पूरे मोहल्ले मे मातम का आलम है। रचना ने खुद मरने से पहले यह बताकर सबको चौंका दिया कि उसके पूरे परिवार ने जहर खाया था।

चौकाने वाली बात यह है कि इस परिवार से भी बहुत से लोगों ने कर्ज लिया था। वह लोग कर्ज लौटा नहीं पा रहे थे। बिजनेस के लिए रमेश गुप्ता को भी कई लोगों से कर्ज लेना पड़ा। यानी यह परिवार कर्जदार तो था ही साथ ही इस परिवार से कर्जा लेने वालों ने कर्जा भी नहीं चुकाया था। बकौल रचना पूरे परिवार ने जहर खाया।

रमेश को आशंका थी कि शायद जहर का उस पर उतना असर नहीं हुआ है। इसलिए वह रेल से कट कर जान देने के लिए घर से निकल गया। रेलवे लाइन की पटरी पर पहुंचते-पहुंचते रमेश ने दम तोड़ दिया। हलांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर व पैर तथा सीने पर चोट के निशान मिले हैं लेकिन जहर की पुष्टी नही हुई है।

इन मौतों के पीछे कहीं सूदखोरों का जाल तो नही
व्यापारी की आत्महत्या और पूरे परिवार द्वारा को गले लगाने के बाद कहीं न कहीं यह सवाल उठ रहे हैं कि कर्ज़ मे डूबे रमेश गुप्ता कहीं सूदखोरों के मकड़जाल मे तो नही फंस गए थे। क्योंकि रमेश गुप्ता के पड़ोसी और उनके जानने वाले यह बात कह रहे हैं कि वह बकायेदारों की वसूरी से परेशान थे। फिलहाल शहर मे पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे बड़े पैमाने पर बिना लाइसेंस सूदखोरी का धंधा चल रहा है।

और जिम्मेदारों की चुप्पी से न जाने कितने और रमेश गुप्ता जैसे लोग मौत को गले लगाने को तैयार होंगे। यहां थाना स्तर वर अवैध सूदखोरों को तो छोड़िए, लाइसेंसी सूदखोरों का भा कोई रिकार्ड अभिसूचना विभाग के पास उपलब्ध नही है। इसलिए सूदखोरों की दबंगई पर किसी तरह का कोई लगाम नही लग पा रहा है। जबकि अधिकांश सूदखोर अपराधिक पृष्ठभुमि वाले हैं।

हैरानी की बात यह है कि सूदखोरों का राजघाट थाने पर कोई रिकार्ड उपलब्ध नही है। यहां के थाना प्रभारी अनिल उपाध्याय का कहना है कि उन्हे लाइसेंसी सूदखोरों की कोई जानकारी नही है। जबकि व्यापारिक इलाका होने के कारण ज्यादातर सूदखोरी के मामले राजघाट थाने पर ही आते हैं। बहरहाल अब यह जांच का विषय है कि व्यापारी रमेश गुप्ता व उनके परिवार के आत्महत्या मामले मे सूदखोर कितने जिम्मेदार हैं।
एसएसपी ने कहा प्रथम दृष्टया मामला सामुहिक खुदकुशी का।

गोरखपुर के एसएसपी डा सुनील गुप्ता ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया सामुहिक खुदकुशी का है । पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है । मामले के पीछे कोई भी दोषी होगा, चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।

सिटी मैजिस्ट्रेट की तत्काल मदद

वहीं राजघाट थाना क्षेत्र में व्यापारी रमेश गुप्ता और उनके परिवार की आत्महत्या के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति के मद्देनज़र जिला प्रशासन की ओर से मृतक रमेश गुप्ता के पुत्र रजत गुप्ता को सिटी मजिस्ट्रेट अजीत कुमार सिंह द्वारा अंतिम संस्कार के लिए 25 हज़ार रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान किया गया।

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