किसान हताशा-निराशा में आत्महत्या करने को मजबूर है-अखिलेश यादव

किसानों, नौजवानों, गरीबों, अल्पसंख्यकों के मन की बात सुनने का न तो समय है।

लखनऊ । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  चार साल से लगातार सिर्फ अपने मन की बातें कर रहे हैं। उन्हें किसानों, नौजवानों, गरीबों, अल्पसंख्यकों के मन की बात सुनने का न तो समय है और नहीं इच्छा है। कृषि कभी भाजपा की प्राथमिकता में नहीं रही हैं। इसलिए उनकी व्यथा और परेशानियों से भी उनका मतलब नहीं। वे इसलिए किसानों के हालात बदलने का सपना दिखा कर अपने कर्तव्य की इति श्री समझ लेते हैं।

किसानों की भावना के साथ खेल खेला जा रहा है।

प्रधानमंत्री जी कई वर्षों से किसानों से कह रहे है कि उनकी आमदनी भाजपा सरकार 2022 तक दुगनी कर देगी पर चार साल बीत गए किसान की आय शून्य हो गयी है। लोकसभा चुनाव सन् 2019 में होने जा रहे हैं। दुबारा भाजपा की सरकार बनने के आसार नहीं है। ऐसे में किसानों की भावना के साथ खेल खेला जा रहा है। किसान भी इस सच्चाई से अवगत है।

उत्तर प्रदेश में भी दो बजट पेश हो चुके हैं। किन्तु किसानों और गांवों की दशा में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।

भाजपा सरकार के केन्द्र में 5 बजट आ चुके हैं, और उत्तर प्रदेश में भी दो बजट पेश हो चुके हैं। किन्तु किसानों और गांवों की दशा में कोई परिवर्तन नहीं हुआ बल्कि हालात और बिगड़ते जा रहे है। किसान की खेती लगातार घाटे में जा रही है। गन्ना किसान का उत्तर प्रदेश में 10 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा बकाया है। किसान को कर्ज माफी के नाम पर सिर्फ धोखा मिला है। प्राकृतिक आपदा में राहत की कोई व्यवस्था नहीं हैं। भाजपा अपने वादे के अनुसार उत्पादन लागत का मूल्य भी किसान को नहीं दे पाई है।

गेहूं खरीद में धांधली के चलते किसान को औने-पोने दामों पर गेहूं बिचैलियों को बेचना पड़ा।

किसान हताशा-निराशा में आत्महत्या करने को मजबूर है। उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड में ही पिछले दिनों महोबा जिले में 30, बांदा जनपद में 15 तथा हमीरपुर में 08 किसान आत्महत्या कर चुके है। आज भी दो किसानों ने एक टावर पर चढ़कर कूदने की धमकी दी। जिन गन्ना किसानों की फसल खेत में खड़ी रह गई, चीनी मिलें बंद हो जाने से उनको जलाने की नौबत आ गई है। गेहूं खरीद में धांधली के चलते किसान को औने-पोने दामों पर गेहूं बिचैलियों को बेचना पड़ा।

किसान भी भाजपा राज में बहुत आक्रोशित है।

प्रधानमंत्री  मुद्दो को भटकाने और जनता को बहकाने में माहिर है। अब तक कुछ किया नहीं, आगे किसान की झोली भरने का थोथा वादा कर रहे है। लेकिन जनता अब सच्चाई जानने लगी है। किसान भी भाजपा राज में बहुत आक्रोशित है। प्रधानमंत्री  की बहानेबाजी अब काम नहीं आएगी। देष की जनता अब केन्द्र में नया प्रधानमंत्री चाहती है।