महोत्सव के जरिये दिखा महिला बंदियों का हुनर, बदला लोगो का नजरिया

Gorakhpur Mahostsav

गोरखपुर में बंद महिला बंदी भले ही चोरी या फिर हत्या के मामले में निरुद्ध हों लेकिन उनके हाथ के जज्चे हुनर को गोरखपुर महोत्सव (Gorakhpur Mahostsav) में आने वाले हर एक की तरफ से सलामी दी जा रही है

गोरखपुर। महोत्सव (Gorakhpur Mahostsav) के जरिये दिखा महिला बंदियों का हुनर, महोत्सव के जरिये कैदियों के प्रति बदला लोगो का नजरिया, गोरखपुर के महोत्सव में एक ऐसा स्टाल नजर आया, जिसे देखने के बाद हर किसी का नजरिया कैदियों केे प्रति खास कर महिला बंदियों के प्रति बदला नजरिया।

गोरखपुर में बंद महिला बंदी भले ही चोरी या फिर हत्या के मामले में निरुद्ध हों लेकिन उनके हाथ के जज्चे हुनर को गोरखपुर महोत्सव में आने वाले हर एक की तरफ से सलामी दी जा रही है, हो भी क्यों न, महिला बंदियों ने प्रतिबंधित पॉलीथिन को देखते से हुए पब्लिक के लिए एक बढ़कर एक हैंडमेड झोले और महिलाओं के कान के झुमके से लगाए हार और मांग टीका बनाए हैं, जो गोरखपुर महोत्सव में पहुंच रहीं महिलाओं को खूब आकर्षित कर रहे हैं, सेल से जुटे रुपयों से उन्हें आगे की पढ़ाई और ट्रेनिंग कराए जाने की बात भी जेल सुप्रीटेंडेंट ने कही है, मिली थी।

घर बैठे फ्रेश नॉनवेज मंगवाए वो भी मार्केट से कम दाम पर, अभी डाउनलोड करे “Lucknow Meat Wala” एंड्राइड ऐप

कमाई से होगी पढ़ाई जेल सुप्रीटेडेट रामधनी ने बताया कि महिला बंदियों द्वारा बनाए गए आइटम्स की विक्री से जो कमाई होगी, उन्ही पैसे से महिला बंदियों के कल्याण के साथ – साथ उन्हें शिक्षित किए जाने का काम किया जाएगा, ट्रेनिंग भी एवसपर्ट के थू दिलवई जाएगी, इनकी है सबसे ज्यादा डिमांड सब्जी लाने वाले हैंड मेड जूट के झोले बाजार से कपड़े लाने वाले जूट के झोले झुमका, हार, मांग टीका, कंगन, चूड़ी सुप्रीटेंडेंट रामधनी व डिप्टी जेलर मुकेश प्रकाश की मौजूदगी में महिला बंदियों के हैंडमेड आइट्म्स की खरीदारी हो रही थी. जेल सुप्रीटेंडेंट रामधनी ने बताया कि जेल में निरुद्ध महिला बंदियों को जूट बैग व कपड़े समेत अन्य सामग्री बनाने की ट्रेनिंग दी गई थी।

Gorakhpur Mahostsav

इस प्रदर्शनी में स्टाल पर बैठी एन जियो की महिला की माने तो उसने जेल के अंदर बंद महिला बंदियों से पहले बात की फिर उन्हें हुनर सिखाया, अपने पैरों पर खड़े होने का, और आज ये महिला बंदी अपने हुनर के जरिये गोरखपुर महोत्सव में न केवल जगह बनाई बल्कि लोगो के पति उनका विचार भी बदला, और आज इस महोत्सव में जेल के द्वारा लगे स्टाल पर लोग आकर महिला बंदीयो द्वारा बने झोले और तमाम प्रोडक्स बिकती नजर आ रही है।

ये भी पढ़े : निर्भया मामले में सबसे बड़ी खबर, राष्ट्रपति ने खारिज की मुकेश की दया याचिका

महोत्सव के जरिए ही बंदी महिलाओं को एक पहचान मिलता नजर आ रहा है और साथ ही लोगों के प्रति उन महिला बंदियों के लिए नजरिया भी बदलता नजर आ रहा है, और ये महिला बंदी अब अपने गुनाहों की सजा काटने के साथ साथ अपने पैरों पर खड़ी भी होंगी, और जब जेल से बाहर निकलेंगी तो इनके लिए यही पैसा मददगार साबित होगा।

बस 1 क्लिक पर जानें देश-दुनिया की ताजा-तरीन खबरें Download करें संस्कार न्यूज़ चैनल की Application नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें या फिर play store पे sanskarnews सर्च करें- लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज- https://fb.com/sanskarnewslko/
Loading...