श्रावस्ती के इस स्कूल में होती है जुमे (शुक्रवार) के दिन छुट्टी

वर्तमान में विद्यालय में लगभग 200 बच्चे पढ़ते हैं स्थानीय लोगों की माने तो दशकों से यहां स्कूल का संचालन होता आया है बाद में परिषदीय स्कूल खोला गया तो इसे इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय नाम दे दिया गया।

श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में सरकारी स्कूलों को इस्लामिया स्कूल में तब्दील कर दिया गया है, यहां जुमे (शुक्रवार) के दिन छुट्टी होती है और रविवार को स्कूल खुला रहता है। सरकारी स्कूल को किसके अादेश से इस्लामिया स्कूल में तब्दील किया गया यह किसी को पता नहीं है यह व्यवस्था अाज नहीं कई वर्षों से संचालित है। इस मामले में कई बार स्थानीय लोगों द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन अाज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई जब मामला शासन तक पहुंचा तो अधिकारी सकते में अा गए अब मामले में पुराने रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं अभी तक पता नहीं चल सका है कि इस्लामिया प्राइमरी स्कूल कब से अंकित किया जा रहा है।

वर्तमान में विद्यालय में लगभग 200 बच्चे पढ़ते हैं स्थानीय लोगों की माने तो दशकों से यहां स्कूल का संचालन होता आया है बाद में परिषदीय स्कूल खोला गया तो इसे इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय नाम दे दिया गया। दशकों पूर्व तत्कालीन ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक की सहमति से इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार के दिन छुट्टी और रविवार के दिन पढ़ाई का निर्णय लिया गया तभी से शुक्रवार को स्कूल बंद करने की परंपरा चली आ रही है।

हम बात कर रहे हैं उच्च प्राथमिक विद्यालय सत्तीचौरा की, यहां स्कूली की दीवार पर मोटे अक्षरों में स्कूल का नाम प्राथमिक विद्यालय इस्लामिया भिनगा अंकित है। इस स्कूल में छुट्टी भी जुमे के दिन ही होती है। अरसे से यह व्यवस्था अपने हिसाब से चल रही है।

नौनिहालों को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए श्रावस्ती के जिला मुख्यालय भिनगा स्थित सत्तीचौरा मुहल्ले में उच्च प्राथमिक विद्यालय लगभग 60 वर्षो से संचालित है। इस स्कूल में सभी धर्मो के छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां अलग-अलग धर्मो को मानने वाले शिक्षक की भी तैनाती होती रही है। इस स्कूल में भी अन्य स्कूलों की तरह ही मध्यान्ह भोजन, नि:शुल्क यूनीफार्म व पाठ्य-पुस्तक का वितरण किया जाता है। पढ़ाई का समय भी शासन की ओर से निर्धारित समय सारिणी से ही तय है लेकिन सिर्फ अवकाश के मामले में यह स्कूल अन्य स्कूलों से अलग साबित होता है सरकारी स्कूल होने के बाद भी यहां साप्ताहिक छुट्टी रविवार के बजाय शुक्रवार को होती है। यह कानून इस स्कूल में वर्षो से चल रहा है।

वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि परिषद से तैनात शिक्षकों को वेतन शासन से मिलता है, यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को भी सभी शासकीय सुविधाएं अन्य स्कूलों के भांति ही उपलब्ध कराई जाती है। इसके बाद भी यहां अवकाश का दिन शुक्रवार निर्धारित होना गलत है। उन्होंने बताया कि रविवार के बजाय जुमे के दिन छुट्टी करना यहां लंबे समय से चल रहा है। इस संबंध में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत भी कराया गया है। इसके बावजूद सबकुछ पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है।

पूरे मामले पर राज्य की बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जैसावल का कहना है अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नही आया है अगर कुछ ऐसा है तो आवश्यक करवाई की जायेगी।