लाल सलाम’ का नारा बुलंद करने वाले ‘राष्ट्रध्वज’ का नहीं कर सकते सम्मान : निधि त्रिपाठी

आंदोलन के नाम पर नकाब लगाकर जेएनयू में हिंसा फैलाने वालों की किसी भी बदनीयती को एबीवीपी सफल नहीं होने देगी

गोरखपुर । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने रविवार को कहा कि ‘नक्सलवाणी एक ही रास्ता’ और ‘लाल किले पर लाल सलाम’ का नारा लगाने वाले कभी राष्ट्रध्वज का सम्मान नहीं कर सकते। इनसे किसी भी तरह से देश प्रेम के भाव की अपेक्षा रखना खुद को धोखा देने जैसे है।

गोरखपुर के दिग्विजयनाथ डिग्री कालेज स्थित दिग्विजयनाथ समिति सभागार में जेएनयू प्रकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की अकादमिक साख है। लेकिन कुछ संगठन जसे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। आंदोलन के नाम पर नकाब लगाकर जेएनयू में हिंसा फैलाने वालों की किसी भी बदनीयती को एबीवीपी सफल नहीं होने देगी। एबीवीपी ने छात्रों के हित में काम करने का बीड़ा उठाया है और वह इसे बखूबी कर रही है। एबीवीपी के प्रयास से जेएनयू के 91 प्रतिशत छात्रों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है।

फीस बढ़ोत्तरी से लेकर जेएनयू में घटित होने वाली हिंसा की घटना तक एबीवीपी ने सकारात्मक पहल की है। जेएनयू की अकादमिक साख गिरने नहीं देंगे। इस दिशा में सुधार की प्रक्रिया अनवरत जारी रखने का संघर्ष होता रहेगा। एक ज़वाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एबीवीपी छात्रसंघ चुनावों की पक्षधर है और अब भी अपनी चुनाव संबंधी मांग पर अडिग है। छात्रसंघ होने से छात्रों का हित प्रभावित होने की गुंजाइश न के बराबर होती है।

25-26 जनवरी को आयोजित दो दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में शिरकत करने आईं निधि त्रिपाठी ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के अमृता कला वीथिका में चल रहे केंद्रीय कार्यसमिति बैठक में हो रहे विचारों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि इस बैठक में भारत के विभिन्न क्षेत्रों से 85 से केंद्रीय टीम के कार्यकर्ता मंथन कर रहे हैं।

राज्य विश्वविद्यालयों की स्थिति को केंद्रीय विश्वविद्यालयों के समतुल्य पहुंचाने, दत्तोपंत ठेंगड़ी के विकास मॉडल को जन-जन तक सुलभ कराने, जलियांवाला बाग हत्या कांड का युवाओं के आत्मीयता से तादात्म्य स्थापित करने और एबीवीपी के 2023 में 75 वर्ष पूर्ण होने पर संगठन द्वारा उठाये जाने वाले कदमों जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।