अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का हुआ शुभारंभ

गोरखपुर  । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की केंद्रीय कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अमृता कला वीथिका सभागार में प्रारंभ हुआ। बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस. सुब्बया, राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी व राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान जी द्वारा दीप प्रज्वलन कर हुआ। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस. सुब्बया ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संपूर्ण देश में राष्ट्र हित के विचारों को लेकर अपनी सक्रियता बनाए रखती है।

आज जिस प्रकार का राष्ट्रविरोधी माहौल देशभर में फैलाया जा रहा है, विद्यार्थी परिषद ऐसी गतिविधियों से समाज को कतई प्रभावित नहीं होने देगी। नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में चाहे जेएनयू हो चाहे देश के अन्य विश्वविद्यालय या समाज का कोई भी हिस्सा, इस प्रकार के भ्रम से समाज प्रभावित न हो इसलिए विद्यार्थी परिषद देशभर के शैक्षणिक परिसरों में विद्यार्थियों के बीच जागरूकता के कार्यक्रम चला रही है।

राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद एक ऐसा छात्र संगठन है जो छात्र हित, देश हित व समाज हित की मात्र बात ही नहीं करता अपितु उसके लिए प्रत्येक संभव प्रयास भी करता है व सफल भी होता है। आज देश में ऐसे कुछ छात्र संगठन है जो देश के लिए समस्या बन रहे हैं वहीं विद्यार्थी परिषद उन समस्याओं का समाधान बन रहा है। आज नागरिकता संशोधन अधिनियम के माध्यम से भारत के पड़ोसी देशों से प्रताड़ित लोगों को भारत की नागरिकता दिए जाने पर तमाम संगठन देश को भ्रमित करने का काम रहे हैं।

शाहीन बाग में धरने पर बैठकर देशभर में झूठ फैला रहे हैं, वही विद्यार्थी परिषद के जम्मू प्रांत ने ऐसे भ्रमित लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। वहां प्रबुद्ध लोगों के साथ- साथ मदरसों तक में जाकर परिषद कार्यकर्ता विद्यार्थियों को जागरूक कर रहे हैं। जेएनयू में छात्र हित के नाम पर देश विरोधी प्रोपेगंडा चलाने वाले छात्र संगठन छात्र हित हेतु कोई काम न करते हुए देश को बरगलाने का काम कर रहे हैं। विद्यार्थी परिषद का मानना है कि हम किसी भी संगठन से हो, किसी भी विचारधारा से हो किंतु छात्र हित, समाज हित व देश हित सुरक्षित रहना चाहिए। वहां शैक्षणिक आंदोलन के नाम पर विवेकानंद जी के प्रतिमा पर अभद्र बातें लिखी जाती हैं जो कत्तई बर्दाश्त नही किया जा सकता। कुछ मीडिया के लोग भी हैं।

जो विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को टारगेट करके उन पर स्टिंग ऑपरेशन करते हैं जो कि बाद में फर्जी पाया जाता है। आज देश में महिलाओं के साथ शोषण अपराध को देखते हुए विद्यार्थी परिषद महिला सुरक्षा को लेकर गत वर्ष से ही मिशन साहसी नामक अभियान चला रही है जिसके माध्यम से छात्राओं को शैक्षणिक परिसरों में आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाते हैं। यह बहुत ही हर्ष का विषय है कि विद्यार्थी परिषद गत वर्ष 8 लाख छात्राओं को इस मिशन से जोड़कर प्रशिक्षित किया था और इस वर्ष लगभग 12 लाख छात्राओं को प्रशिक्षित किया गया।

पर्यावरण को लेकर विद्यार्थी परिषद हमेशा से ही जागरूकता अभियान चलाती रही है। हिमाचल प्रांत की इकाई द्वारा इस वर्ष वातावरण को शुद्ध रखने हेतु व समाज को इसके प्रति जागरूक रखने हेतु 8 लाख पौधों का रोपण किया गया है। ऐसे ही अनेकों अभियान व कार्यक्रम देशभर की इकाइयों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं जो निश्चित रूप से भारत के बदलते स्वरूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है।

इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर, पूर्व राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री के. एन. रघुनंदन, राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्रीनिवास, जी लक्ष्मण, प्रफुल्ल आकांत, अखिल भारतीय राज्य विश्वविद्यालय प्रमुख श्रीहरि बोरिकर, अखिल भारतीय प्रशिक्षण एवं प्रकाशन प्रमुख मनोज कांत सहित देशभर के कुल 87 प्रतिनिधि इस बैठक में उपस्थित रहे।