नगर आयुक्त से सम्मान न मिलने पर भड़के विधायक,कहा विधान सभा अध्यक्ष को लिखूंगा पत्र

नगर आयुक्त ने सम्मान नहीं किया। पांच मिनट तक  बैठने के लिए कुर्सी खोजनी पड़ी। इटवा विधायक डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी

 

गोरखपुर । बार-बार शासन से जारी हो रहे जनप्रतिनिधियों के सम्मान संबंधी निर्देशों का अफसरों पर कोई असर नहीं है। बीते दिन जरूरी काम के लिए नगर आयुक्त के कार्यालय में उनसे मिलने पहुंचे इटवा विधायक डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी का नगर आयुक्त ने सम्मान नहीं किया। पांच मिनट तक उन्हें अपने बैठने के लिए कुर्सी खोजनी पड़ी। यह हाल तब था, जब विधायक ने कक्ष में प्रवेश से पहले नगर आयुक्त के चपरासी से आम नागरिकों की तरह विधायक ने अपने नाम व पदनाम की पर्ची भेज दी थी।

बिटिया का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के संदर्भ में मिलने पहुंचे थे इटवा विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी

बीते दिन  इटवा विधायक डॉ. द्विवेदी बिटिया का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने खुद पहुंचे थे। नगर आयुक्त कार्यालय पहुंचने के बाद उन्होंने आम लोगों की तरह ही उनके चपरासी से नाम व पदनाम लिखी पर्ची भेजवाई। बुलवा आने पर अंदर गए तो नगर आयुक्त के अलावा सभी कुर्सियों  नगर निगम के अन्य अधिकारी बैठे थे। नगर आयुक्त ने विधायक की ओर देखा जरूर मगर कुर्सी छोड़ने या सामने लगी कुर्सियों में से किसी पर उन्हें बैठने को कहा। करीब पांच मिनट तक खड़े रहने के बाद एक कर्मचारी ने कुर्सी खाली तब जाकर विधायक बैठे और अपनी बात नगर आयुक्त से कही। इसके बाद भी नगर आयुक्त ने किसी प्रकार की खेद आदि जताने की जरूरत नहीं समझी। जन्म प्रमाण पत्र का आवेदन नगर आयुक्त कार्यालय को सौंप कर वह बाहर निकल आए।

महपौर कक्ष में पहुंचे तो महापौर सीताराम जायसवाल ने उन्हें बैठाया। विधायक ने महापौर से केवल यही कहा कि आपके कक्ष में पीएम व सीएम की फोटो लगी है मगर नगर आयुक्त के कार्यालय में केवल बाबा साहब की ही फोटो लगी है। हम सभी के लिए अपने नेताओं का सम्मान करना जरूरी है।
शासन की ओर से कई बार इसके निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि कार्यालय में आने वाले जनप्रतिनिधियों, खास तौर से सांसद विधायक आदि के आने पर कुर्सी से खड़े होकर सम्मान करें। उन्हें कुर्सी ऑफर करें, साथ ही चाय पानी आदि के लिए जरूर पूछें। इस घटना से स्पष्ट है कि इन आदेशों का अफसरों पर क्या असर है।

क्षुब्ध विधायक विधानसभा अध्यक्ष को लिखेंगे पत्र

घटना के संबंध में पूछने पर इटवा विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी ने बताया कि मैंने तो इस बारे में नगर आयुक्त से कुछ कहा और न ही महापौर से। इतना जरूर कहूंगा कि शासन के निर्देशों का नगर आयुक्त कार्यालय में असर नहीं दिखा। इस बारे में विधानसभा अध्यक्ष को लिखूंगा। भाजपा सरकार तो कार्यालय में आने वाले हर व्यक्ति को प्रॉपर सम्मान देने की बात कहती है। हम लोग खुद अफसरों से यह बात कहते रहते हैं।