वसीम रिज़वी गंगा-जमुनी तहजीब पर बदनुमा दाग, एफआईआर दर्ज हो

फिल्म ‘आयशा’ के निर्माण पर लगे प्रतिबंध, कारी ओवैस को दिया जाए इंसाफ : शाकिर सलमानी

गोरखपुर । मॉब लिंचिंग पर सख्त कानून बनाने व वसीम रिज़वी की निर्माणाधीन फिल्म ‘आयशा’ पर प्रतिबंध लगाने के मांग को लेकर हिन्दू मुस्लिम एकता कमेटी के बैनर तले हिन्दू मुस्लिम समाज के लोगों ने गुरुवार को डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन को सौंपा।

कमेटी के संरक्षक शाकिर अली सलमानी ने कहा कि शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं भड़काते हैं। दीन-ए-इस्लाम की मुकद्दस हस्तियों, धर्मगुरुओं, मदरसों आदि पर अनापशनाप बोलकर मुसलमानों की भावनाएं आहत करते हैं।

मॉब लिंचिंग पर सख्त कानून बनाये जाने की मांग

अब तो उन्होंने सारी हदें पार कर दी हैं। मुसलमानों की मां हजरत आयशा रजियल्लाहु अन्हा पर फिल्म बना रहे हैं। जो बेहद अपमानजनक व असहनीय है। हजरत आयशा पैगंबर-ए-आज़म हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की पत्नी और मुसलमानों की मां हैं। मुसलमानों में वसीम रिज़वी के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा बढ़ रहा है। हमारी भारत सरकार से मांग है कि वसीम रिज़वी की इस फिल्म पर तुरंत रोक लगाकर वसीम रिज़वी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। वसीम रिज़वी जैसे ओछी मानसिकता के लोग भारत की गंगा जमुनी तहजीब पर बदनुमा दाग हैं। भारत में धार्मिक भावनाएं भड़काने वालों पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून बनाया जाए। ताकि किसी धर्म के पैगंबर, देवी-देवता, धार्मिक ग्रंथों के बारे में कोई भी आपत्तिजनक अपशब्द कहने की जुर्रत न कर सके।

मॉब लिंचिंग में मारे गए कारी ओवैस के लिए डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

वहीं विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भारत में मॉब लिचिंग (भीड़ तंत्र का आतंक) की घटनाएं तेजी के साथ बढ़ रही हैं। इसे रोका जाना बेहद आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर मॉब लिंचिंग पर सख्त से सख्त कानून जल्द से जल्द बनाया जाना बहुत जरुरी है। कानून बनाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। वहीं पीड़ित को मुआवजा प्रदान किए जाने की व्यस्था भी की जाए। अभी हाल में पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर सोमवार रात ईयरफोन खरीदने को लेकर हुए झगड़े में कारी ओवैस की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

तबरेज अंसारी व पहलू खान मामले की हो निष्पक्ष जांच

मॉब लिंचिंग की इस घटना की जितनी निंदा की जाए उतना कम है। हमारी मांग है कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व दस लाख रुपया मुआवजा दिया जाए साथ ही साथ दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। मॉब लिंचिंग के पिछले लम्बित मामलों जैसे पहलू खान, तबरेज अंसारी आदि में निष्पक्ष कार्रवाई की जाए ताकि दोषियों को सजा हो सके।

ज्ञापन सौंपने वालों में मौलाना जहांगीर अहमद अज़ीजी, पंडित विपुल त्रिपाठी, यासिर अली, शमशाद खान, मुमताज अंसारी, डा. के. शर्मा, अदनान खान, रज्जाक सहित तमाम लोग मौजूद रहे।