उत्तर भारत में मौसम फिर लेगा करवट, भारी बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान

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अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, नाभा, पटियाला व चंडीगढ़ में तेज बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है

उत्तर भारत में फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके चलते पांच से सात मार्च तक तेज हवा सहित भारी बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि (Hailstorm) का अनुमान है। चार मार्च से ही हल्के बादल छाने से दिन के तापमान में गिरावट आने सेे ठंडक बढ़ सकती है।

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Hailstorm

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को मौसम खुश्क रहेगा। हालांकि, कहीं-कहीं बादल छाए रहेंगे। सीमावर्ती जिलों में चार मार्च की रात से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है, जबकि पांच मार्च को सुबह से ही मौसम खराब हो जाएगा और धीरे-धीरे पूरा सूबा ही इसके प्रभाव में आ जाएगा। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती हैं।

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उत्तर भारत

फाजिल्का इलाके में मध्यम दर्जे की बारिश होगी, जबकि अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, नाभा, पटियाला व चंडीगढ़ में बिजली की चमक सहित तेज बारिश होगी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है।

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उत्तर भारत

वहीं, हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने भी 4 मार्च की रात से मौसम में बदलाव की आशंका जताई है। इससे 5 से 7 मार्च के बीच हरियाणा में ज्यादातर स्थानों पर बादल, हवाओं व गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। करनाल स्थित केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक आने वाले 24 घंटे में बादल छाने की संभावना जताई है। वहीं 5 और 6 मार्च को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ओलावृष्टि के साथ बारिश हो सकती है।

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मौसम के इस बदलाव को कृषि विशेषज्ञ ठीक नहीं मान रहे हैं। उनका अनुमान है कि इस समय बारिश या ओलावृष्टि होना खतरे से खाली नहीं है। खासकर गेहूं की फसल खराब हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि हवाएं चलने व बारिश की संभावनाओं को देखते हुए किसान सिंचाई व स्प्रे को रोक सकते हैं। किसान सिंचाई व दवाओं का छिड़काव गेहूं, जौ व सरसों की फसल में न करें। मौसम साफ होने के बाद यह रोक हटा सकते हैं।

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