मध्य प्रदेश सरकार से भी शीघ्र समान निर्णय लेने की मांग की है।

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अजय त्रिपाठी /छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए 1 जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA) 58 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। यह फैसला राज्य के लाखों नियमित कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनधारकों के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों की क्रयशक्ति को बनाए रखने में सहायक होगा।छत्तीसगढ़ के इस निर्णय के साथ ही राज्य सरकार ने पेंशनरों की महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) भी 58 प्रतिशत करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार से औपचारिक सहमति मांगी है। उल्लेखनीय है कि राज्य पुनर्गठन के बाद से दोनों राज्यों में पेंशन संबंधी मामलों में आपसी समन्वय और सहमति की प्रक्रिया अपनाई जाती रही है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने मध्य प्रदेश से इस विषय में अनुमोदन की मांग की है।वर्तमान स्थिति की बात करें तो मध्य प्रदेश में राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को अभी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दी जा रही है। हालांकि केंद्र सरकार द्वारा जुलाई 2025 में अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत किए जाने के बाद, यह लगभग तय माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार भी जल्द ही 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान करेगी।राज्य के वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार, केंद्र के फैसले के अनुरूप मध्य प्रदेश में भी महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। यदि यह वृद्धि लागू होती है, तो प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशनर इससे सीधे लाभान्वित होंगे। विशेष रूप से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए यह राहत काफी अहम होगी, क्योंकि उनकी आय का मुख्य स्रोत पेंशन ही होती है।महंगाई भत्ता बढ़ने से कर्मचारियों के मासिक वेतन में सीधा इजाफा होगा, वहीं पेंशनरों की मासिक पेंशन में भी वृद्धि देखने को मिलेगी। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि बाजार में उपभोग बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक प्रभाव मिलेगा।कर्मचारी संगठनों और पेंशनर संघों ने छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और मध्य प्रदेश सरकार से भी शीघ्र समान निर्णय लेने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि जब केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्य महंगाई भत्ता बढ़ा चुके हैं, तो मध्य प्रदेश में इसे लंबित रखना उचित नहीं है।कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ के निर्णय और केंद्र सरकार की हालिया बढ़ोतरी के बाद यह उम्मीद मजबूत हुई है कि मध्य प्रदेश में भी जल्द ही 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत लागू की जाएगी। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलेगी और वे बढ़ती महंगाई का बेहतर ढंग से सामना कर सकेंगे।

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