अजय त्रिपाठी /भोपाल। राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी में पुलिस बनकर आए बदमाशों ने सनसनीखेज लूट और अपहरण की वारदात को अंजाम दिया। 11 जनवरी की शाम करीब साढ़े सात बजे ई-7 सेक्टर स्थित मेघना अपार्टमेंट में हुई इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जानकारी के अनुसार 5 से 6 बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर अपार्टमेंट में दाखिल हुए। उन्होंने फ्लैट में मौजूद राहुल गुप्ता, अनिमेष वर्मा, अनुराग और नरेंद्र परमार को एनडीपीएस एक्ट में फंसाने की धमकी दी। बदमाशों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए युवकों के साथ मारपीट की और दबाव बनाकर तलाशी के नाम पर फ्लैट को खंगाल डाला। पुलिस कार्रवाई का नाटक देखकर युवक डर गए और किसी तरह का विरोध नहीं कर सके।आरोपियों ने फ्लैट से 79 हजार 800 रुपये नकद और तीन कीमती घड़ियां लूट लीं। इसके बाद बदमाशों ने चारों युवकों को उनकी ही कार में जबरन बैठाया और मिसरोद बाइपास टोल रोड की ओर ले गए। रास्ते में आरोपियों ने और पैसे की मांग की और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। युवकों को समझ आ गया कि वे किसी बड़े गिरोह के चंगुल में फंस चुके हैं।इसी दौरान राहुल गुप्ता ने हिम्मत दिखाते हुए अपने परिचित आनंद रघुवंशी को फोन कर पूरी स्थिति बताई। आनंद नर्मदापुरम से एक लाख रुपये लेकर तत्काल भोपाल रवाना हुए। बदमाशों ने उन्हें शहर के पांच नंबर पेट्रोल पंप के पास बुलाया। जैसे ही आनंद वहां पहुंचे, उन्होंने मौके की नजाकत समझते हुए एक आरोपी का मोबाइल फोन छीन लिया और जोर-जोर से चिल्लाने लगे कि वह असली पुलिस के संपर्क में हैं।आनंद के शोर मचाने से घबराए बदमाश मौके से फरार हो गए और चारों युवकों की जान बच सकी। घटना के बाद पीड़ितों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित गिरोह का मामला प्रतीत होता है, जो पुलिस बनकर लोगों को डराकर लूट की वारदात को अंजाम देता है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
