
अजय त्रिपाठी /शहडोल।जिले में नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 28 फरवरी तक जिले की सभी पानी की टंकियों की सफाई अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि जल प्रदाय व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय-सीमा में कार्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर ने यह निर्देश जल जीवन मिशन, नगर पालिका, नगर परिषद, पंचायत एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में दिए। बैठक के दौरान जिले में संचालित जल प्रदाय योजनाओं, पानी की गुणवत्ता और टंकियों की मौजूदा स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।कलेक्टर ने कहा कि गर्मी का मौसम नजदीक है और इस दौरान जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पानी की टंकियों की नियमित सफाई और क्लोरीनेशन बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक टंकी की सफाई के बाद उसकी फोटोग्राफिक रिपोर्ट और प्रमाण पत्र संबंधित विभाग को प्रस्तुत किया जाए, ताकि कार्य की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि टंकियों की सफाई के दौरान जल आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। जहां जरूरी हो, वहां टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जाए और किसी भी क्षेत्र में दूषित पानी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से ध्यान दिया जाए और किसी भी इलाके की अनदेखी न हो।इसके साथ ही कलेक्टर ने जल संरक्षण और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।बैठक में मौजूद अधिकारियों ने कलेक्टर को आश्वस्त किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी पानी की टंकियों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। संबंधित विभागों को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन भी किया गया है।प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें पानी की गुणवत्ता को लेकर कोई समस्या दिखाई दे या गंदगी नजर आए, तो तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते समस्या का समाधान किया जा सके।
